Nawada: अमन/नवादा: बिहार में शराबबंदी लागु हुए सालों बीत चुका है, लेकिन पड़ोसी राज्यों से होने वाली तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही. दरअसल, नवादा जिले में झारखंड सीमा से सटे चितरकोली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने एक ऐसी बोलेरो गाड़ी को पकड़ा है. तस्करों ने गाड़ी को चलता-फिरता शराब का गोदाम बना रखा था.
गा़ड़ी में जगह-जगह चोर दरवाजे
दरअसल, उत्पाद विभाग की टीम जब सीमा पर गाड़ियों की रूटीन चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध बोलेरो को रोका गया. पहली नजर में गाड़ी बिल्कुल सामान्य लग रही थी, लेकिन जब अफसरों ने बारीकी से जांच शुरू की तो उनके हाथ ‘चोर दरवाजे’ लग गए.
तस्करों ने बड़ी ही चालाकी से ड्राइवर और सह-चालक की सीट के नीचे, बीच वाली और पिछली सीट के निचले हिस्से के अलावा फाइबर डैशबोर्ड के अंदर बेहद खूबसूरत खुफिया तहखाने बना रखे थे.
जब इनको खोला गया, तो उनके भीतर से 137.5 लीटर विदेशी शराब और बियर की बोतलें बरामद हुई. इसमें रॉयल स्टैग ब्रांड की 750 ml की 84 बोतलें, 375 ml की 72 बोतलें और किंगफिशर बियर के 95 केन शामिल हैं. बिहार के काले बाजार में इस जब्त शराब की कीमत लगभग 5 लाख रुपये तक की है. शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल 10 लाख की बोलेरो को भी जब्त कर लिया गया है.
कहां से कहां तक का नेटवर्क?
मौके से पुलिस ने गाड़ी चला रहे ड्राइवर प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया है, जो कोडरमा जिले के तिलैया का रहने वाला है. पूछताछ में प्रवीण ने कुबूल किया कि यह गाड़ी उसे कोडरमा के सतगांवा निवासी बबलू ने दी थी.
बता दें कि शराब की इस भारी खेप को नवादा के अकबरपुर और नवादा शहर के अलग-अलग ठिकानों पर डिलीवर किया जाना था. उत्पाद विभाग ने इस मामले में बिहार उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज कर मुख्य सरगना बबलू और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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