Nawada vigilance bribery case
Nawada vigilance bribery case: बिहार के नवादा जिले में निगरानी विभाग (विजिलेंस) की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विभाग ने एक राजस्व कर्मचारी को कथित रूप से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन कर्मचारी की पत्नी ने पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे साजिश करार दिया है. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद घटना चर्चा का विषय बन गई है.
जीत कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए राजस्व कर्मचारी की पहचान सुजीत कुमार के रूप में हुई है. निगरानी विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुजीत कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है. विभाग का दावा है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया.
जबरदस्ती एक युवक ने हाथ में पैसे थमा दिए- सुजीत कुमार
वहीं दूसरी ओर, सुजीत कुमार की पत्नी ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वह गर्भवती हैं और अपने पति के साथ इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल गई थीं. अस्पताल से बाहर निकलने के बाद दोनों ई-रिक्शा में बैठने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति अचानक आया और उनके पति के हाथ में रुपये थमा दिए. पत्नी का आरोप है कि उनके पति रुपये समझ पाते या वापस कर पाते, उससे पहले ही निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गई. उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई पूर्व नियोजित प्रतीत होती है.
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सुजीत कुमार की पत्नी ने प्रशासन और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी सुजीत कुमार यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें जबरन पैसे क्यों दिए जा रहे हैं. वीडियो में कुछ लोग उन्हें घेरे हुए नजर आते हैं और बाद में उन्हें वाहन में बैठाकर ले जाया जाता है. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. सुजीत कुमार की पत्नी ने प्रशासन और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जाए, जिससे घटना की वास्तविकता सामने आ सके. फिलहाल निगरानी विभाग अपने दावे पर कायम है, जबकि कर्मचारी के परिवार ने कार्रवाई को गलत बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है. मामले को लेकर अब लोगों की नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.
भारत एक्सप्रेस
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