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NEET-UG Paper Leak Case: सवाल रटाए, उत्तर भी बताए…और फिर कर ली इतने लाख की डील; आरोपी ने किया बड़ा खुलासा, पुलिस को मिले नए सबूत

आरोपी ने खुलासा किया है कि 20 से 25 कैंडिडेट्स को पेपर लीक करवाया था. 5 मई को वही पेपर एग्जाम में आया जो रटवाया गया था.

NEET-UG Paper Leak Case

नीट पेपर लीक मामला.

NEET-UG Paper Leak Case: NEET पेपर लीक मामले में जहां एक ओर स्टुडेंट्स फिर से पेपर कराए जाने की लगातार मांग कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है. ताजा खबर सामने आ रही है कि इस मामले में बिहार पुलिस को 2 दिन के अंदर नए सबूत मिले हैं. बता दें कि पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने FIR में बड़ा खुलासा करते हुए पेपर लीक की बात कबूल की है और 30 लाख से लेकर 40 लाख तक की रकम सॉल्वर गैंग को देने की भी बात कही है.

इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को पुराने 6 चेक मिले हैं, जिनके बारे में यह आशंका जताई जा रही है कि यह चेक सॉल्वर गैंग को और पेपर लीक करने वालों को दिए गए थे. इसके अलावा उस इंजीनियर को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसने डॉक्टर के एंट्रेंस एग्जाम का चीट कोड तैयार किया.

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ये है मुख्य आरोपी

बता दें कि पुलिस पेपर लीक मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पेपर लीक माफिया नीतीश कुमार के साथ ही सिकंदर को भी गिरफ्तार किया है. सिकंदर ने ही अपना अपराध कबूल करते हुए बड़ा खुलासा किया है. वह दानापुर नगर परिषद के ऑफिस में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था. पूरे मामले में मुख्य तीन आरोपियों में नीतीश कुमार, अमित आनंद और सिकंदर यादवेंदू का नाम शामिल है.

सिकंदर के जानकारों से लिए गए कम पैसे

गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि परीक्षा के लिए आयुष राज, अनुराग यादव, शिवनंदन कुमार और अभिषेक कुमार के लिए डील फाइनल हुई थी. सभी अभ्यर्थियों से 40-40 लाख रुपए लिए गए थे. आयुष राज और अनुराग सिकंदर के जानकार थे. इसीलिए इन लोगों से कम पैसे लिए गए थे.

पुलिस इस तरह पहुंची आरोपी तक

बता दें कि परीक्षा से पहले रूटीन चेकिंग के दौरान सिकंदर की गाड़ी रोकी गई और फिर चेकिंग के दौरान गाड़ी में से इन चारों के रोल नंबर और एडमिट कार्ड मिले. इसके बाद पुलिस ने सिकंदर के साथ आयुष राज के पिता और बिट्टू कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और पूछताछ में इनके द्वारा किए गए खुलासे के बाद अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया.

आरोपियों ने किया ये खुलासा

बता दें कि नीट पेपर लीक मामले में पटना में जो FIR दर्ज की गई है, उसके मुताबिक आरोपी आयुषराज ने पुलिस पूछताछ में ये बात स्वीकार की है कि नीट का पेपर लीक हो चुका था. उसने बताया कि परीक्षा से ठीक 1 दिन पहले 4 मई को क्वेश्चन पेपर पहुंच गया था. उसने ये भी बताया कि 20 से 25 कैंडिडेट्स को पेपर लीक करवाया था. 5 मई को वही पेपर एग्जाम में आया जो रटवाया गया था और उत्तर भी बताए गए थे. वही सारे सवाल परीक्षा में आए थे.

-भारत एक्सप्रेस



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