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‘उग्र आंदोलन’ के बाद नोएडा में सन्नाटा, CM योगी ने बढ़ा दिया वेतन; 95 फीसदी कंपनियां बंद

Noida Labor Protest: नोएडा में उग्र श्रमिक आंदोलन के बाद पुलिस ने 90 लोगों को हिरासत में लिया है. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने अकुशल, अर्धकुशल और कुशल मजदूरों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की है. हालांकि, अभी भी ज्यादातर कंपनियां बंद हैं.

Noida Labor Protest Minimum Wage Hike

Noida Labor Protest: नोएडा के औद्योगिक गलियारों में कल की उग्र लहर के बाद आज एक भारी सन्नाटा है, लेकिन यह सन्नाटा खौफ का नहीं बल्कि एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट का है. सड़कों पर पुलिस की बूटों की आवाज और चौराहों पर तैनात सुरक्षाबल कल की हिंसा की याद दिला रहे हैं, लेकिन इसी तनाव के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने हजारों मजदूरों की उम्मीदों को पंख दे दिए हैं. आंदोलन की तपिश ने आखिरकार नीति निर्धारकों को जगा दिया और नतीजा यह हुआ कि न्यूनतम वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया गया.

90 हिरासत में, 200 उपद्रवियों की हुई पहचान (Noida Labor Protest Update)

कल हुए भारी बवाल और तोड़फोड़ के बाद आज पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है. नोएडा के फेस-2, सेक्टर 63, सेक्टर 58 और ईकोटेक थर्ड जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस ने अब तक 90 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 30 को सोमवार रात धर-पकड़ के दौरान पकड़ा गया. सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्य के आधार पर 200 अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है जिन्होंने पथराव और आगजनी की थी. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.

सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक (Noida Labor Salary Hike)

आंदोलन को शांत करने और मजदूरों की जायज मांगों को पूरा करने की दिशा में यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी की दरों में इजाफा कर दिया है. यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई हैं. उच्च अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों के बाद अब नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को पूरे प्रदेश में सबसे अधिक वेतन मिलेगा. नगर निगम वाले अन्य जनपदों और गैर-नगर निगम क्षेत्रों के लिए भी मजदूरी की अलग-अलग दरें तय की गई हैं, ताकि संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके.

  • अकुशल मजदूर: पहले 11,313 मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर नोएडा-गाजियाबाद के लिए 13,690 कर दिया गया है
  • अर्धकुशल श्रमिक: इनके वेतन में 2,614 की मासिक बढ़ोतरी की गई है, जिससे इनका नया वेतन अब 15,059 (नोएडा-गाजियाबाद) हो गया है
  • कुशल श्रमिक: सबसे ज्यादा लाभ कुशल श्रमिकों को मिला है, जिनके वेतन में 2,908 का इजाफा हुआ है. अब इन्हें 16,868 प्रति माह मिलेंगे

20000 हजार सैलरी की खबर को DM ने बताया झूठ

आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से फैली थी कि सरकार ने न्यूनतम वेतन 20,000 रुपय प्रति माह तय कर दिया है. नोएडा जिलाधिकारी (DM) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस खबर को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया अभी चल रही है. किसी भी श्रमिक को किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी में आने की आवश्यकता नहीं है.

कंपनियों में पसरा सन्नाटा (Noida Labor Protest News)

सुरक्षा कारणों से आज लगभग 95% कंपनियां बंद रहीं और औद्योगिक क्षेत्रों में काम पूरी तरह ठप रहा. हालांकि, प्रशासन ने अब संवाद का रास्ता अपनाया है. करीब 70 बड़ी कंपनियों के श्रमिक प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है ताकि उनकी अन्य समस्याओं का भी स्थायी समाधान निकाला जा सके. आज डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर भी शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो.

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नोएडा की सड़कों पर आज की खामोशी यह बता रही है कि संघर्ष हमेशा सिर्फ टकराव नहीं, बल्कि समाधान का रास्ता भी खोलता है. वेतन में हुई यह बढ़ोतरी निश्चित रूप से उन हजारों परिवारों के चूल्हों में नई आंच देगी जो महंगाई की मार झेल रहे थे. हालांकि, हिंसा और आगजनी ने औद्योगिक साख को जो चोट पहुंचाई है, उसे भरने में थोड़ा समय लगेगा. अब जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और श्रमिक संगठनों तीनों की है कि वे ‘बातचीत’ की मेज को कभी कमजोर न होने दें.



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