Omar Abdullah Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर की सियासत में एक बार फिर ‘इतिहास बनाम इतिहास’ की बहुत बड़ी लड़ाई छिड़ गई है. श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोलते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए.
मुख्यमंत्री के इस आक्रामक बयान के तुरंत बाद बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी मोर्चा खोल दिया है, जिससे घाटी का राजनीतिक पारा अचानक चरम पर पहुंच गया है.
उमर अब्दुल्ला का आरएसएस और बीजेपी पर प्रहार (Omar Abdullah RSS Statement)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में कभी हिस्सा ही नहीं लिया, वे आज दूसरों को इतिहास का पाठ पढ़ाने चले हैं. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि किसने माफी मांगी और किसने क्या किया, यह देश का बच्चा-बच्चा जानता है.
इस दौरान उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के संस्थापक शेख अब्दुल्ला और पार्टी के अन्य नेताओं के योगदान तथा बलिदान का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि कश्मीर के इतिहास में उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता.
अब्दुल्ला परिवार की विरासत पर सवाल (BJP VHP reply to Omar Abdullah)
उमर अब्दुल्ला के इस बयान के बाद बीजेपी और VHP ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए अब्दुल्ला परिवार की पूरी राजनीतिक विरासत को ही बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है. बीजेपी ने सवाल उठाया कि पिछली कई दशकों में कश्मीर में अलगाववाद और अस्थिरता की राजनीति के दौर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की वास्तविक भूमिका क्या रही थी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि-
“जो परिवार दशकों से जम्मू-कश्मीर की सत्ता और राजनीति के केंद्र में रहा है, उसे दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने खुद के राजनीतिक रिकॉर्ड और इतिहास पर जवाब देना चाहिए.”
वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पदाधिकारियों ने भी कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अब्दुल्ला परिवार को पहले अपनी पुरानी फाइलों और फैसलों का जवाब देना चाहिए.
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अतीत के पन्नों से भविष्य तय करने की जुगत? (Omar Abdullah History Controversy)
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस ताजा बयानबाजी के बाद अब लड़ाई केवल इस बात पर नहीं है कि स्वतंत्रता आंदोलन में कौन कहां खड़ा था, बल्कि असली बहस इस बात पर है कि कश्मीर की मौजूदा और पिछली राजनीति के लिए असल में जिम्मेदार कौन है. राजनेता पुरानी फाइलें और बयान खंगाल रहे हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में घाटी की सियासत अतीत के इन्हीं मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमने वाली है.
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