महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव के भक्तों के लिए वर्ष का सबसे बड़ा और पावन उत्सव होता है. इस अवसर पर शिवभक्त विभिन्न प्रकार से भगवान महादेव की आराधना करते हैं, और विशेष रूप से ज्योतिर्लिंग स्थलों पर शिव पूजा का विशेष महत्व शास्त्रों में वर्णित है. लाखों श्रद्धालुओं के सोमनाथ पहुंचने के मद्देनजर श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने एक अनोखी पहल की, जिसके तहत सभी परिवारों को नाममात्र शुल्क में पार्थिव शिवलिंग पूजन का लाभ दिया गया. इस आयोजन के अंतर्गत सोमनाथ मारुति बीच पर 3500 से अधिक भक्तों ने शास्त्र सम्मत विधिविधान के साथ पार्थिव शिवलिंग की पूजा की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट” (LiFE) विजन को ध्यान में रखते हुए, श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने इस वर्ष भी इको-फ्रेंडली और ज़ीरो-वेस्ट पूजा की परंपरा को बनाए रखा. इस पूजन में मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंगों का उपयोग किया गया, जो सनातन धर्म में प्रकृति प्रेम, स्वच्छता और त्याग का प्रतीक माने जाते हैं. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यह पूजा संपन्न हुई, जिसमें शिवजी के प्रिय श्लोकों का भावार्थ समझाकर श्रद्धालुओं को पूजन प्रक्रिया की गहरी जानकारी दी गई. इस पूजा में हजारों परिवारों ने भाग लेकर स्वयं को धन्य महसूस किया.
3500 से अधिक श्रद्धालुओं ने किया शिवलिंग पूजन
इस भव्य आयोजन में 3500 से अधिक श्रद्धालुओं ने पार्थिवेश्वर शिवलिंग पूजन में भाग लिया. इस पावन पूजन में भाग लेने के लिए भक्तों को मात्र 251 रुपये का सहयोग देना पड़ा, जिसमें उनके लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पूजा सामग्री, पार्थिव शिवलिंग और अन्य पूजन आवश्यकताओं की संपूर्ण व्यवस्था श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा की गई थी.
श्री सोमनाथ ट्रस्ट सनातन धर्म की प्रकृति प्रेम से जुड़ी विस्तृत विचारधारा को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्रकल्पों का संचालन कर रहा है. इन्हीं प्रकल्पों में से एक महत्वपूर्ण योजना है पार्थिव शिवलिंग पूजन. इस पूजा का आयोजन पिछले तीन वर्षों से सोमनाथ मंदिर के सान्निध्य में प्रमोनेड वॉकवे पर मारुति बीच पर किया जा रहा है, जहां भक्तों को शिवलिंग पूजन का दिव्य अनुभव मिलता है.

इस पूजा में पंचमहाभूत (आकाश, अग्नि, जल, पृथ्वी और वायु) की विशेष पूजा के साथ-साथ मंत्रों से अभिमंत्रित मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंगों द्वारा भक्तों को विस्तृत पूजा करने का अवसर दिया गया. यह पूजा श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. इस वर्ष श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इसे और अधिक भव्य रूप दिया गया, जिससे अधिकाधिक भक्त इस पूजा का लाभ उठा सकें. इस वर्ष 3500 से अधिक भक्तों ने इस विशेष पूजा में भाग लिया.
शास्त्रों में वर्णित पार्थिव शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व
इस आयोजन के अंतर्गत हर श्रद्धालु दंपत्ति के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पार्थिव शिवलिंग, इको-फ्रेंडली पंचपात्र, आचमनी, तरभाणु (विशेष पूजा सामग्री), फल एवं अन्य आवश्यक पूजन सामग्री श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराई गई.
शास्त्रों के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग पूजा का विशेष महत्व है. ऐसी ही पूजा भगवान श्रीराम और माता सीता ने गंगा पार करने से पहले की थी. महाभारत में भी वर्णित है कि अर्जुन ने भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए पार्थिव शिवलिंग की पूजा की थी. इस पूजा के प्रभाव से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, ऐसा शास्त्रों में उल्लेख मिलता है.
इस आयोजन के अंतर्गत विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र भूमि से प्राप्त मिट्टी द्वारा निर्मित पार्थिव शिवलिंग श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए गए. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर के समीप प्रमोनेड वॉकवे पर मारुति बीच पर इस विशेष पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने आस्था और भक्ति के साथ भाग लिया.
ये भी पढ़ें: महाकुंभ में फिट इंडिया का संदेश, गाजियाबाद से प्रयागराज तक की 600 किमी की साइकिल यात्रा
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

