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कश्मीर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का आतंक पर कड़ा प्रहार! जानें कैसे भारतीय सेना ने चुन-चुनकर जैश के कमांडरों को पहुंचाया जहन्नुम?

ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नेटवर्क लगभग ध्वस्त हो चुका है और पिछले 12 महीनों में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ. भारतीय सेना और एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 पाकिस्तानी कमांडरों को मार गिराकर बड़ी साजिश नाकाम कर दी…

रिपोर्ट- रवि शर्मा


जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर'(Operation Sindoor Kashmir) देश की सुरक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है. हाल ही में सुरक्षा ग्रिड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के प्रचंड सैन्य दबाव का नतीजा है कि पिछले 12 महीनों में जम्मू-कश्मीर में एक भी बड़ा आतंकी हमला दर्ज नहीं हुआ है. इसका असर यह हुआ कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का पूरा नेटवर्क इस समय वेंटिलेटर पर है.

कश्मीर में टूट गई आतंकिस्तान की रीढ़?(Operation Sindoor Kashmir)

बता दें कि’ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद घाटी में टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस को इस कदर मजबूत किया गया है कि सीमा पार बैठे आकाओं के पसीने छूट रहे हैं.

कम्युनिकेशन ठप: जहां पहले हर साल पाकिस्तान और स्थानीय आतंकियों के बीच 100 से ज्यादा ‘कम्युनिकेशन अटेम्प्ट्स’ (संपर्क की कोशिशें) रिकॉर्ड किए जाते थे, वहीं पिछले एक साल में यह संख्या घटकर 10 से भी कम रह गई है.

बिल में छिपे आतंकी: आक्रामक रणनीति के कारण सीमा पार से घुसपैठ पर लगभग पूरी तरह रोक लग गई है और लॉन्च पैड्स तबाह हो चुके हैं. बचे-कुचे आतंकी अब अंदरूनी इलाकों में अपनी जान बचाने के लिए छिपने को मजबूर हैं.

जैश के ये 8 ‘पाकिस्तानी आका’ ढेर

सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के उन 8 खूंखार विदेशी कमांडरों को मार गिराया, जो भारत में नए सुसाइड मॉड्यूल खड़े करने और स्थानीय लड़कों की भर्ती करने का बड़ा मिशन लेकर आए थे.

जहन्नुम पहुंचाए गए आतंकियों का पूरा ‘कच्चा चिट्ठा’ यहाँ है:

आतंकी का नाम व कोड कहाँ का रहने वाला था (पाकिस्तान) कब और कहाँ किया गया ढेर?
हुफाइज सलाम उर्फ जुबैर मुल्तान, सिंध 22 जनवरी 2026, कठुआ
लुकमान बशीर लाहौर, पंजाब 03 फरवरी 2026, उधमपुर
समीर पाकिस्तान 03 फरवरी 2026, उधमपुर
हैदर उर्फ मौलवी पंजाब, पाकिस्तान 27 जून 2025, उधमपुर
इलियास उर्फ मुजाहिद पंजाब, पाकिस्तान 22 फरवरी 2026, किश्तवाड़
मुताबिर हुसैन उर्फ चौधरी रावलकोट, PoJK (गुलाम कश्मीर) 22 फरवरी 2026, किश्तवाड़
अतीक हुसैन उर्फ सैफुल्लाह एबटाबाद, केपीके (KPK) 22 फरवरी 2026, किश्तवाड़
आदिल खान उर्फ आदिल पठान कोहाट, केपीके (KPK) 04 फरवरी 2026, किश्तवाड़

सेना का ‘क्लीन स्वीप’ अभियान(Jammu and Kashmir news)

अगर इस लिस्ट पर गौर करें, तो सेना ने आतंकियों के गढ़ बन रहे जम्मू संभाग के जिलों पर विशेष फोकस किया. फरवरी 2026 के महीने में किश्तवाड़ में एक ही झटके में जैश के 4 बड़े रणनीतिकारों (इलियास, मुताबिर, अतीक और आदिल) को मिट्टी में मिला दिया गया. वहीं उधमपुर और कठुआ में भी कड़ा पहरा होने के कारण घुसपैठ करते ही इन पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने लाशों में तब्दील कर दिया.

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लंबे समय तक बनी रहेगी शांति

सुरक्षा एजेंसियों का साफ कहना है कि इन 8 टॉप कमांडरों का खात्मा कर भारत ने एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को वक्त से पहले ही डिफ्यूज (Operation Sindoor Kashmir) कर दिया है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बनी इस मजबूत स्थिति को सेना ढीला नहीं होने देगी. घाटी में नए लड़कों की भर्ती पूरी तरह रुक चुकी है और आने वाले दिनों में बचे हुए छोटे-मोटे आतंकियों के खिलाफ भी यही ‘नो मर्सी’ (No Mercy) वाली सख्त नीति जारी रहेगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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