लश्कर आतंकी अब्दुल रऊफ के अंतिम संस्कार में शामिल हुए पाक आर्मी के अफसर.
Operation Sindoor: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रऊफ के अंतिम संस्कार में मौजूद पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के नाम जारी किए . रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मुरीदके में मारे गए आतंकवादियों का अंतिम संस्कार पाकिस्तान में किया गया, जैसे कि लश्कर कमांडर अब्दुल रऊफ, जिसे अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने विशेष रूप से वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था.
पाक आर्मी के अफसर जनाजे में शामिल
पाकिस्तान सेना के शीर्ष अधिकारी और पाकिस्तान के पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक अंतिम संस्कार में शामिल हुए और नमाज़ अदा की. इसमें लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन, मेजर जनरल राव इमरान, प्रशासन से ब्रिगेडियर मोहम्मद फुरकान, पाकिस्तान पंजाब के विधायक उस्मान अनवर और मलिक सोहैब अहमद शामिल हुए.
Operation Sindoor में इन अड्डों पर हुआ अटैक
ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor) ने पीओके और पाकिस्तान में कुल नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया . पीओके में सावल नाला, सैयदना बिलाल, गुलपुर, बरनाला और अब्बास को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान में भावलपुर, मुरीदके, सरजाल, महमूना जोया को निशाना बनाया गया.

इन शिविरों की हुई पहचान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में 21 आतंकवादी शिविरों की पहचान की गई है – सावल नाला, सैयद ना बिलाल, मस्कर-ए-अक्सा, चेलाबंदी, अब्दुल्ला बिन मसूद, दुलई, गढ़ी हबीबुल्लाह, बतरासी, बालाकोट, ओघी, बोई, सेंसा, गुलपुर, कोटली, बराली, डुंगी, बरनाला, महमूना जोया, सरजल, मुद्रिके और बहावलपुर.
Operation Sindoor में मारा गया खालिद अबू
भारत ने बहावलपुर के मुरीदके में आतंकवादियों को मार गिराया. 7 मई को मारा गया आतंकवादी खालिद अबू अकाशा पेशावर में रहते हुए अफगानिस्तान से पाकिस्तान में हथियार और गोला-बारूद की तस्करी में शामिल था . प्रशिक्षित लश्कर आतंकवादी जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और वापस भाग गया था. वह हाल ही में मुरीदके में लश्कर मुख्यालय में स्थानांतरित हुआ था और लश्कर की केंद्रीय समिति का हिस्सा था. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने केंद्रीय लश्कर/जेयूडी इकाइयों के साथ मिलकर काम किया.
मुदासिर खादियन खास, लश्कर का एक और आतंकवादी और मुरीदके आतंकी शिविर का प्रभारी, अल खिदमत समिति के अध्यक्ष हाफिज अब्दुल रऊफ के साथ उनके सुरक्षा प्रभारी के रूप में काम करता था. उसने लाहौर के पीएमएमएल के महासचिव हाफिज खालिद वलीद के साथ भी काम किया. वह हाफिज मोहम्मद सईद का दामाद है.सैफुल्लाह खालिद कसूरी (लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख) का करीबी सहयोगी था, जिसने उसे भर्ती किया था.
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान निशाना बनाए गए एक अन्य आतंकवादी मोहम्मद हसन खान मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी (JeM ऑपरेशनल कमांडर, आमिर, POK) का बेटा था. वह मुफ़्ती असगर खान कश्मीरी (आमिर, JeM PoK) और आशिक नेग्रू (JeM भारतीय भगोड़ा) के साथ सैयदना बिलाल आतंकवादी शिविर से काम करता था और 2019 के पुलवामा हमले में शामिल था.
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वह शूरा बैठकों में भाग लेने के लिए असगर खान कश्मीरी के साथ इस्लामाबाद जाते थे. उन्होंने शकरगढ़ स्थित जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव, यानी मोहम्मद अदनान अली, अली काशिफ जान और मोहम्मद यासिर के साथ भी समन्वय किया.
हाफिज मोहम्मद जमील, एक अन्य आतंकवादी, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर का सबसे बड़ा साला और सलाहकार था. वह बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय का समग्र प्रभारी था. जमील जैश-ए-मोहम्मद का शूरा सदस्य था और मसूद अजहर का करीबी विश्वासपात्र या पारिवारिक सदस्य था. वह बहावलपुर से आयोजित आतंकवादी अभियानों की देखरेख करता था. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने युवाओं को भारत के खिलाफ जिहाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और जैश-ए-मोहम्मद के लिए धन जुटाने के लिए पीओजेके का दौरा किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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