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क्या 2027 में टूटेगा सपा का MY समीकरण? ओवैसी की एंट्री से मुस्लिम वोट AIMIM की तरफ खिसकेंगे?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का कोर वोट बैंक यादव और मुस्लिम समाज माना जाता है लेकिन AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इस समीकरण को चुनौती देते दिख रहे हैं

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का कोर वोट बैंक यादव और मुस्लिम समाज माना जाता है लेकिन AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इस समीकरण को चुनौती देते दिख रहे हैं. शनिवार को उन्होंने सहारनपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया जिसे 2027 विधानसभा चुनाव के अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है. इस रैली में बड़ी संख्या में लोग जुटे.

समाजवादी पार्टी का बिगड़ेगा खेल?

सपा लंबे समय से मुस्लिम‑यादव (MY) समीकरण पर चुनाव लड़ती रही है. हाल के वर्षों में उन्होंने PDA रणनीति भी अपनाई. सहारनपुर की रैली में ओवैसी को सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या मुस्लिम वोट AIMIM की तरफ खिसक सकता है और सपा का खेल बिगड़ सकता है.

2022 में सपा को मिला समर्थन

2022 विधानसभा चुनाव में सपा को लगभग 79 से 85 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे. विश्लेषकों का कहना है कि मुस्लिम वोटरों ने बीजेपी को रोकने के लिए एकजुट होकर सपा गठबंधन को वोट दिया था. उस चुनाव में सपा, RLD और सुभासपा ने मिलकर मैदान में उतरकर 34 मुस्लिम उम्मीदवारों को जीत दिलाई थी.

2017 का आंकड़ा

2017 में सपा को करीब 55 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे. वहीं BSP को 14 प्रतिशत, कांग्रेस को 33 प्रतिशत और बीजेपी को लगभग 2 प्रतिशत मुस्लिम वोट हासिल हुए थे.

2012 का हाल

2012 में सपा को केवल 39 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे. मजे की बात तो ये है कि इसके बावजूद पार्टी सत्ता में आई थी.

2022 में AIMIM का प्रदर्शन

2022 में AIMIM ने 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. उस समय उनका वोट प्रतिशत लगभग 0.46 रहा.

2017 में AIMIM का हाल

2017 चुनाव में AIMIM ने 38 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन सभी हार गए. अधिकांश उम्मीदवारों की तो जमानत ही जब्त हो गई थी.

मुस्लिम वोट और सपा का भरोसा

2012 के बाद से मुस्लिम समाज का भरोसा सपा पर लगातार बढ़ा है. वहीं सहारनपुर की रैली में उमड़ी भीड़ ने अखिलेश यादव और सपा के लिए सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुस्लिम वोट बैंक अब खिसक रहा है?

ओवैसी का गठबंधन ने क्या कहा?

सहारनपुर के चिलकाना बस अड्डे के पास हुई जनसभा में ओवैसी ने इशारों में कहा कि अगर किसी दल से गठबंधन नहीं होता है तो AIMIM प्रदेश की लगभग 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी.

रैली में मुस्लिम मुद्दों पर फोकस

सहारनपुर की जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने अपने पूरे भाषण का केंद्र मुस्लिम समुदाय को बनाया. उन्होंने शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया. ओवैसी ने कहा कि देश की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत है लेकिन उनकी शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की स्थिति अब भी संतोषजनक नहीं है.

गठबंधन पर ओवैसी का बयान

इस दौरान AIMIM के पश्चिमी यूपी अध्यक्ष मेहताब चौहान ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी चुनावों में बीजेपी को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने को तैयार है.

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पश्चिमी यूपी में AIMIM की रणनीति

इस ऐतिहासिक जनसभा में पश्चिमी यूपी के अलग‑अलग जिलों से भारी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे. 2027 चुनाव से पहले यह रैली मुस्लिम मतदाताओं के बीच AIMIM की पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है. साथ ही इस रैली को कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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