Robert Vadra on Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए जघन्य आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए इस बर्बर हमले में आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों को उनके धर्म के आधार पर चुन-चुनकर मौत के घाट उतार दिया. आतंकियों ने लोगों से ‘कलमा’ पढ़ने को कहा और पैंट उतरवाकर उनकी धार्मिक पहचान की पुष्टि की, फिर एक-एक कर 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई.
इस अमानवीय घटना के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है. लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सोशल मीडिया से लेकर राजनीति तक, हर जगह आक्रोश साफ झलक रहा है. वहीं, इस हमले को लेकर कांग्रेस नेता रॉबर्ट वाड्रा के बयान ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.
वाड्रा ने क्या कहा था?
वाड्रा ने कहा था कि इस प्रकार की आतंकी घटनाएं देश में मुस्लिम समुदाय के साथ हो रहे भेदभाव की वजह से हो रही हैं. उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार के ‘हिंदुत्व’ के एजेंडे ने देश के अल्पसंख्यकों में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर आतंकवादी पहचान के आधार पर हमला कर रहे हैं, तो इसका सीधा संबंध समाज में पैदा किए जा रहे धार्मिक तनाव से है.
रॉबर्ट वाड्रा का यह बयान सामने आते ही कई संगठनों ने नाराजगी जताई है. ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ और अन्य संगठनों ने वाड्रा के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की है. याचिका में केंद्र सरकार से विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की गई है ताकि वाड्रा के बयान की जांच की जा सके. साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने यह भी आग्रह किया है कि उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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