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पहलगाम हमले का एक साल: ‘Operation Sindoor’ से आतंक का खात्मा, 93 दिन में यूं मिला पीड़ितों को न्याय

Pahalgam Terror Attack @ 1 Year: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ की कहानी पढ़िए. 93 दिनों के संघर्ष में भारतीय सुरक्षाबलों ने लश्कर के आतंकियों को ढेर कर न्याय दिलाया.

Pahalgam Terror Attack News

Jammu Kashmir News: बीते वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या की गई, जिनमें से 25 पर्यटक थे. बुधवार को इसे एक वर्ष पूरा हो गया. इस एक वर्ष के भीतर भारतीय सेना ने न केवल यह कायरतापूर्ण हमला करने वाले आतंकवादियों को मार गिराया, बल्कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी कैंपों को भी ध्वस्त कर दिया.

‘ऑपरेशन सिंदूर’: सरहद पार आतंकी ठिकाने तबाह

पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया था. इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के कई ठिकाने पूरी तरह नष्ट कर दिए गए और बड़ी संख्या में वहां मौजूद आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक बताया. उनके अनुसार, यह अभियान भारत के नैतिक अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता का उदाहरण है.

Operation Sindoor

लालकिले की प्राचीर से गूंजा ऑपरेशन का गौरव

बीते वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता प्रदर्शित की गई. लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराते ही, वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने फूलों की वर्षा की. इनमें से एक हेलीकॉप्टर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ध्वज लिए हुए था, जिसने हजारों भारतीयों को गौरवान्वित किया. विश्व के कई देशों ने भी माना कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को रोकने के लिए जरूरी था.

pahalgam terror attack

‘ऑपरेशन महादेव’: 93 दिन आतंकियों का पीछा

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन महादेव’ शुरू किया. पैरा स्पेशल फोर्सेस की टीम ने बेहद कठिन रास्तों पर आतंकियों का करीब 250 किलोमीटर तक पीछा किया. 28 जुलाई 2025 को यह ऑपरेशन अपने अंजाम तक पहुंचा. अंतिम दौर में बेहद जटिल क्षेत्र में 10 घंटे की पैदल घेराबंदी के बाद तीनों आतंकियों को मार गिराया गया. इस तरह 93 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद पीड़ितों को न्याय मिला.

लश्कर-ए-तैयबा: मानवता के दुश्मनों का खात्मा

खुफिया तंत्र, तकनीकी इनपुट और चश्मदीदों की मदद से हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान सुलेमान शाह, हमजा अफगानी और जिब्रान के रूप में हुई. ये तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे. सेना ने सुनियोजित तरीके से उनके भागने के रास्तों को सील किया और अंततः उन्हें ढेर कर मानवता के दुश्मनों का खात्मा किया.

यह भी पढ़िए: ‘ऑपरेशन महादेव’ पर बात करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- तीनों आतंकियों के सिर में मारी गई थी गोली



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