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पप्पू यादव होंगे गिरफ्तार? 31 साल पुराने मामले में घर पहुंची पुलिस

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर बिहार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है.

पप्पू यादव

पप्पू यादव

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर बिहार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है. यह कदम कोर्ट द्वारा जारी कुर्की-जब्ती के आदेश के ठीक तीन दिन बाद उठाया गया है.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह पूरा विवाद करीब 30 साल पुराना है. मामला साल 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग इलाके में विनोद बिहारी लाल नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप था कि पप्पू यादव और उनके साथियों ने धोखे से उनका मकान किराए पर लिया. मकान मालिक का कहना था कि उन्हें अंधेरे में रखा गया और बाद में पता चला कि उनके घर का इस्तेमाल सांसद के दफ्तर के तौर पर किया जा रहा है.

अब इतने सालों बाद, पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी कर दिया है. बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद पहले गिरफ्तारी वारंट और फिर इश्तेहार जारी किया गया. जब उस पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो पुलिस अब सीधे उनके दरवाजे तक पहुंच गई.

‘मुझे मारने की साजिश है’- पप्पू यादव

पुलिस के पहुंचते ही पप्पू यादव बिफर पड़े. उन्होंने अपनी मीडिया टीम के जरिए एक वीडियो जारी किया और बिहार सरकार पर तीखे हमले बोले. सांसद ने सीधे तौर पर पुलिस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह मुझे मारने की साजिश है. आखिर पुलिस बिना वारंट के आधी रात को मेरे घर कैसे आ सकती है? कोर्ट का आदेश कुर्की का है, तो वे मुझे ले जाने की बात क्यों कर रहे हैं?”

पप्पू यादव ने साफ कह दिया कि वह रात के अंधेरे में पुलिस के साथ कहीं नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा, “मैंने अपने वकील को बुला लिया है. पुलिस मुझे सुबह कोर्ट ले चले, कोर्ट जहां कहेगा मैं वहां जाने को तैयार हूं. मुझे यहाँ के एसपी पर रत्ती भर भरोसा नहीं है.”

बदले की राजनीति या कानूनी प्रक्रिया?

सांसद का दावा है कि उन्होंने जहानाबाद की एक बच्ची के हक के लिए आवाज उठाई और कुछ रसूखदार लोगों के खिलाफ मोर्चा खोला, इसलिए उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है. उन्होंने इसे ‘बदले की भावना’ से की गई कार्रवाई करार दिया और अपनी जान को खतरा बताया. उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त भी उनके खिलाफ ऐसी ही साजिश रची गई थी.

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भारत एक्सप्रेस



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