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दिल्ली में साइबर ठगों का बड़ा खेल बेनकाब, चाय बेचने वाले को बनाया शिकार

दिल्ली पुलिस की साइबर थाना सेंट्रल टीम ने Paytm KYC अपडेट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो बैंकिंग किट और फर्जी खातों के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देते थे.

Paytm KYC cyber fraud case

Paytm KYC cyber fraud case

Cyber ​​Fraud Racket Exposed in Delhi:  दिल्ली पुलिस की साइबर थाना सेंट्रल टीम ने एक बड़े इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह लोगों को पेटीएम KYC अपडेट कराने के नाम पर ठगता था. पुलिस ने हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बता दें कि मामला साउथ पटेल नगर के एक चाय बेचने वाले से जुड़ा है. पीड़ित ने शिकायत दी कि एक युवक खुद को पेटीएम कर्मचारी बताकर उसकी दुकान पर आया. उसने मोबाइल में पेटीएम सेटिंग और KYC अपडेट करने का बहाना बनाया और फोन अपने कब्जे में लेकर उसके बैंक खाते से 90 हजार रुपये उड़ा दिए.

साइबर ठगी मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना सेंट्रल ने जांच शुरू की. पुलिस ने बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल नंबर, CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रेल खंगाले. जांच में पता चला कि ठगी की रकम पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में भेजी गई थी, जिसे साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पंचकूला, जीरकपुर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के पंचकूला निवासी 22 वर्षीय विशाल सिंह, 22 वर्षीय सचिन मौर्य और हिमाचल प्रदेश के ऊना निवासी 27 वर्षीय आशीष शर्मा के रूप में हुई है.

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व्हाटसप और इंस्टाग्राम के जरिए आरोपी एक-दूसरे से करते थे कॉन्टैक्ट

पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग किट साइबर ठगों तक पहुंचाते थे. बदले में उन्हें कमीशन मिलता था. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी सोशल मीडिया, खासकर व्हाटसप और इंस्टाग्राम के जरिए आपस में संपर्क में रहते थे और बैंकिंग किट सप्लाई करते थे.जब्त मोबाइल फोन की जांच में कई अहम सबूत मिले हैं. इनमें व्हाटसप चैट, संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी, साइबर ठगों के संपर्क नंबर और पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं.पुलिस को शक है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. NCRP पोर्टल पर दर्ज कई अन्य शिकायतों से भी इनके लिंक मिलने की बात सामने आई है. फिलहाल पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश, ठगी की रकम का पता लगाने और अन्य पीड़ितों की पहचान करने में जुटी हुई है.

  • भारत एक्सप्रेस


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