भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते को लेकर देश की सियासत में जबरदस्त घमासान छिड़ गया है. एक तरफ जहां राहुल गांधी इस समझौते को किसानों के लिए ‘मौत का फरमान’ बता रहे हैं, वहीं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. गोयल ने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी केवल ‘नाटक’ कर रहे हैं और किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश में जुटे हैं.
क्या था राहुल गांधी का बयान?
दरअसल, विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला था. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता कर रही है, वह भारतीय किसानों की आजीविका पर सीधा हमला है. उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी फसलें भारी सब्सिडी के साथ भारतीय बाजारों में आएंगी, जिससे हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे. राहुल गांधी ने संसद में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई अपनी मुलाकात का हवाला देते हुए कहा कि अन्नदाता डरा हुआ है और महंगाई तथा लागत के बोझ तले पहले से ही दबा हुआ किसान अब विदेशी प्रतिस्पर्धा का सामना करने की स्थिति में नहीं है.
पीयूष गोयल का पलटवार
राहुल गांधी के इन आरोपों पर पीयूष गोयल ने पलटवार करने में जरा भी देर नहीं लगाई. गोयल ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर सुनियोजित तरीके से पूरी तरह बनावटी और झूठी कहानी गढ़ी है.
Farzi Rahul Gandhi… pic.twitter.com/lMMWhj7kKm
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 13, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जिन लोगों को किसान बताकर मिल रहे हैं, वे असल में कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं जो किसान नेता होने का ढोंग कर रहे हैं. गोयल के मुताबिक यह पूरी बातचीत पहले से लिखी गई एक स्क्रिप्ट का हिस्सा है जिसका मकसद केवल जनता को गुमराह करना है.
राहुल गांधी को कहा नाटकबाज
मंत्री ने देश के किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इस समझौते में अन्नदाताओं, मछुआरों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है. उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ यह दावा किया कि संवेदनशील फसलों और डेयरी जैसे क्षेत्रों को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है. गोयल ने राहुल गांधी को ‘नाटकबाज’ करार देते हुए कहा कि वे लगातार मनगढ़ंत कहानियों के जरिए ग्रामीण आबादी में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि यह समझौता भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिका जैसे बड़े बाजारों के दरवाजे खोलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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