Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

“रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार भारत! पीएम मोदी ने मुख्य सचिवों को दिया विकसित भारत का नया मंत्र

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. जहां उन्होंने कहा कि देश अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और इस ट्रेन को आगे बढ़ाने की असली ताकत भारत का युवा वर्ग है.

PM Modi

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें साफ संकेत दिया गया कि भारत अब पुराने तरीकों से आगे नहीं बढ़ने वाला. मुख्य सचिवों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश इस समय बदलाव के ऐसे दौर में खड़ा है, जहां फैसलों की रफ्तार, सोच की स्पष्टता और काम की गुणवत्ता-तीनों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है. इस साल सम्मेलन का विषय रहा ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’, जिसे प्रधानमंत्री ने केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीति बताया.

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज अगली पीढ़ी के सुधारों को न सिर्फ देख रहा है, बल्कि उन्हें ज़मीन पर उतार भी रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और इस ट्रेन को आगे बढ़ाने की असली ताकत भारत का युवा वर्ग है. उनका मानना है कि देश की जनसंख्या सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि अगर सही दिशा और अवसर मिले तो यही आबादी भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है. इसी सोच के चलते सरकार की नीतियों में युवाओं का कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार सबसे ऊपर रखा गया है.

समाज का आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे आत्मविश्वास

आत्मनिर्भर भारत को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों के सामने एक अहम बात रखी. उन्होंने कहा कि यह सपना तब तक अधूरा रहेगा, जब तक समाज का आखिरी व्यक्ति खुद को मजबूत और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस नहीं करता. उनका कहना था कि विकास का मतलब सिर्फ आंकड़े नहीं होते, बल्कि यह देखना ज़रूरी है कि उसका असर गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिख रहा है या नहीं. इसी संदर्भ में उन्होंने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि योजनाएं फाइलों में अच्छी लग सकती हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होती है, जब उनका लाभ ज़मीन पर लोगों तक पहुंचता है.

गुणवत्ता पर जोर

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री का जोर गुणवत्ता पर भी साफ नजर आया. उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ काम कर देना काफी नहीं है, बल्कि हर स्तर पर गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी होगी. चाहे बात शासन की हो, सरकारी सेवाओं की हो या फिर निर्माण और उत्पादन की- हर जगह मानक ऊंचे रखने होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ सिर्फ एक टैग बनकर न रह जाए, बल्कि दुनिया भर में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने. इसके लिए ‘जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट’ को नारे से आगे ले जाकर काम करने की आदत बनानी होगी.

ये भी पढ़ें- लाल गलियारे में ‘सफेद झंडा’! मुंगेर में 3-3 लाख के इनामी नक्सलियों ने DGP के सामने डाले हथियार

नई तकनीकों से काम हुए आसान

प्रधानमंत्री ने तकनीक की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि सही तरीके से अपनाई गई तकनीक प्रशासन को ज्यादा तेज़ और असरदार बना सकती है. डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई तकनीकों के जरिए लोगों के छोटे-छोटे काम भी आसान हो सकते हैं, जिससे सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा. उन्होंने यह भी माना कि कौशल विकास, उच्च शिक्षा, खेल और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में राज्यों की जिम्मेदारी बेहद अहम है, क्योंकि यहीं से भविष्य की नींव तैयार होती है.

इस ऑफ डूइंग बिजनेस और बने सरल

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों से विनिर्माण को बढ़ावा देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सरल बनाने और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने का आह्वान किया. उनका कहना था कि भारत में वैश्विक सेवा महाशक्ति बनने की पूरी क्षमता है. इसके साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र की संभावनाओं पर भी ध्यान दिलाया. प्रधानमंत्री ने कहा कि सही नीतियों और आधुनिक तरीकों के साथ भारत दुनिया का फूड बास्केट बन सकता है और उच्च मूल्य वाली खेती, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य पालन के जरिए एक बड़ा खाद्य निर्यातक भी बन सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital