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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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पीएम मोदी ने राज्यसभा सदस्य मनोनीत किए जाने पर हर्षवर्धन श्रृंगला, उज्ज्वल निकम, सी. सदानंदन मास्टर और डॉ. मीनाक्षी जैन को दीं शुभकामनाएं

संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत, राष्ट्रपति को कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को राज्यसभा में नामित करने का अधिकार है.

PM Modi

पीएम मोदी ने राज्यसभा के लिए मनोनीत सदस्यों को दी शुभकामनाएं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा सदस्य के लिए 4 लोगों को मनोनीत किया है, जिसमें पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, वकील उज्ज्वल देवराव निकम, सी. सदानंदन मास्टर, और डॉ. मीनाक्षी जैन का नाम शामिल है. राष्ट्रपति की ओर से इस घोषणा के बाद पीएम मोदी (PM Modi) ने इन चारों हस्तियों को बधाई दी है.

PM Modi ने एक्स पर दी बधाई

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “उज्ज्वल निकम का विधि क्षेत्र और हमारे संविधान के प्रति समर्पण अनुकरणीय है. वे न केवल एक सफल वकील रहे हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय दिलाने में भी अग्रणी रहे हैं. अपने संपूर्ण कानूनी जीवन के दौरान, उन्होंने हमेशा संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है. यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं.”

पीएम मोदी ने दूसरी एक्स पोस्ट में लिखा, “सी. सदानंदन मास्टर का जीवन साहस और अन्याय के आगे न झुकने की प्रतिमूर्ति है. हिंसा और धमकी भी राष्ट्र विकास के प्रति उनके जज्बे को डिगा नहीं सकी. एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं. युवा सशक्तिकरण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता है. राष्ट्रपति जी द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर उन्हें बधाई. सांसद के रूप में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं.“

पीएम मोदी ने पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “हर्षवर्धन श्रृंगला जी एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में उत्कृष्ट रहे हैं. वर्षों से, उन्होंने भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और जी-20 की अध्यक्षता में भी योगदान दिया है. मुझे खुशी है कि उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है. उनके अद्वितीय दृष्टिकोण संसदीय कार्यवाही को और समृद्ध करेंगे.”

पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “यह अत्यंत हर्ष की बात है कि डॉ. मीनाक्षी जैन जी को राष्ट्रपति जी द्वारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है. उन्होंने एक विद्वान, शोधकर्ता और इतिहासकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं.“

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) के उप-खंड (ए) और खंड (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्यसभा के लिए 4 नए सदस्यों को मनोनीत किया है. यह नियुक्तियां नामित सदस्यों की सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त हुए स्थानों को भरने के लिए की गई हैं. गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना (एस.ओ. 3196(ई) के अनुसार, 12 जुलाई 2025 को इसका ऐलान किया गया. इन नियुक्तियों का उद्देश्य राज्यसभा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रख्यात व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है, जैसा कि संविधान में प्रावधान किया गया है.

4 सदस्यों को नामित करने का राष्ट्रपति को अधिकार

संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत, राष्ट्रपति को कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को राज्यसभा में नामित करने का अधिकार है. ये नियुक्तियां संसद के उच्च सदन में विविध दृष्टिकोण और विशेषज्ञता को शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. नामित सदस्यों की भूमिका विधायी चर्चाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श को समृद्ध करने की होती है.

यह भी पढ़ें- राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने 4 लोगों को किया मनोनीत, उज्जवल निकम के साथ-साथ इनका भी नाम शामिल

उज्ज्वल देवराव निकम, सी. सदानंदन मास्टर, हर्ष वर्धन श्रृंगला और डॉ. मीनाक्षी जैन अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए जाने जाते हैं. विशेष रूप से, हर्ष वर्धन श्रृंगला की नियुक्ति को उनके कूटनीतिक अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि डॉ. मीनाक्षी जैन इतिहास और संस्कृति के क्षेत्र में अपने विद्वत्तापूर्ण योगदान के लिए जानी जाती हैं. वहीं निकम को अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ने के लिए जाना जाता है. उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी वारदात के एकमात्र जिंदा पकड़े गए कसाब के लिए सजा ए मौत के लेकर जबरदस्त पैरवी की थी.

-भारत एक्सप्रेस



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