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‘नारी शक्ति’ का सम्मान: दिल्ली की महिलाओं को पीएम मोदी सौंपेंगे घर की चाबियां, जानिए प्रोजेक्ट में क्या है खास?

PM Modi Delhi News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी आज सरोजिनी नगर में 2,722 GPRA फ्लैट्स का उद्घाटन करेंगे. बिना सरकारी खजाने के इस्तेमाल वाले ‘सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल’ की पूरी रिपोर्ट पढ़ें

PM Modi Delhi News

PM Modi Delhi News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के विशेष अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली की महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए रविवार का दिन नई खुशियां लेकर आया है. पीएम मोदी आज दिल्ली को 15,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उपहार देंगे. इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सरोजिनी नगर में आयोजित होने वाला समारोह है, जहां प्रधानमंत्री हजारों महिलाओं को उनके नए आशियाने की चाबियां सौंपेंगे.

सरोजिनी नगर में नारी शक्ति का सम्मान

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी सुबह 11 बजे सरोजिनी नगर पहुंचेंगे. यहां वे ‘जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन’ (GPRA) पुनर्विकास योजना के तहत नवनिर्मित 2,722 फ्लैट्स का उद्घाटन करेंगे. महिला दिवस की सार्थकता को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री स्वयं महिला आवंटियों को इन फ्लैट्स के अधिकार पत्र और चाबियां भेंट करेंगे. इसके साथ ही भविष्य की आवास संबंधी जरूरतों को देखते हुए 6,632 अतिरिक्त फ्लैट्स के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी आज प्रधानमंत्री के कर-कमलों द्वारा संपन्न होगा.

सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल से विकास

इस विशाल पुनर्विकास परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका आर्थिक ढांचा है. यह पूरी योजना ‘सेल्फ-सस्टेनिंग फाइनेंशियल मॉडल’ पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि इसे पूरा करने के लिए करदाताओं के पैसे या सरकारी खजाने का उपयोग नहीं किया जा रहा है. सरकार ने परियोजना के कुल क्षेत्रफल के मात्र 12.9 प्रतिशत हिस्से (लगभग 69.41 एकड़ जमीन) को व्यावसायिक और आवासीय उपयोग के लिए मुद्रीकृत (Monetize) करने की योजना बनाई है.

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सरकारी खजाने के लिए मुनाफे का सौदा

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस सीमित भूमि मुद्रीकरण से लगभग 35,100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है. यह राशि पुनर्विकास की अनुमानित लागत (32,800 करोड़ रुपये) को पूरी तरह कवर कर लेगी. इस मॉडल की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लागत निकालने के बाद भी सरकार के पास लगभग 2,300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अधिशेष (Surplus) बचेगा. इस तरह, सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी जैसे इलाकों की सूरत भी बदल जाएगी और सरकारी खजाने पर कोई वित्तीय बोझ भी नहीं आएगा.



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