नई दिल्ली: सरकारी खरीद की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए शुरू किया गया सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पिछले एक दशक में तेजी से एक बड़े ऑनलाइन खरीद मंच के रूप में उभरा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि GeM ने पारदर्शिता, ज्यादा भागीदारी और बेहतर कारोबारी अवसरों के जरिए देश की सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए GeM की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के उस लेख को भी साझा किया, जिसमें 9 अगस्त 2016 को प्लेटफॉर्म की शुरुआत से लेकर अब तक के सफर और इसकी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया गया है.
पीएम मोदी ने कहा कि GeM ने सरकारी खरीद को पहले के मुकाबले ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद की है. उनका कहना है कि इस प्लेटफॉर्म ने ना सिर्फ सरकारी संस्थानों के लिए खरीदारी की प्रक्रिया को आसान बनाया, बल्कि देशभर के कारोबारियों के लिए भी सरकारी खरीद के बाजार तक पहुंच के नए रास्ते खोले हैं.
प्रधानमंत्री के मुताबिक, GeM के विकास में तकनीक की भूमिका सबसे अहम रही है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खरीदारी की प्रक्रिया को एक जगह लाने से प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने और कारोबार से जुड़ी कई पुरानी अड़चनों को कम करने में मदद मिली है.
MSME और महिला उद्यमियों को फायदा
GeM की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि इससे छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को सरकारी खरीद में हिस्सा लेने का मौका मिला है. प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSME तथा महिला उद्यमियों की भागीदारी का उल्लेख किया.
उनके अनुसार, सरकारी खरीद के अवसरों तक आसान पहुंच मिलने से इन वर्गों के कारोबार को नए ग्राहक और बाजार मिल सकते हैं. इससे सरकारी खरीद व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ-साथ ज्यादा कारोबारियों के लिए अवसर पैदा हुए हैं.
2016 में हुई थी शुरुआत
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से GeM की शुरुआत 9 अगस्त 2016 को की गई थी. यह एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस की तरह काम करता है, जहां सरकारी खरीदार और विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं के विक्रेता डिजिटल माध्यम से लेनदेन कर सकते हैं.
इसका उद्देश्य सरकारी खरीद को अधिक पारदर्शी, तेज और कुशल बनाना था. साथ ही कोशिश यह भी रही कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कारोबारियों को सरकारी संस्थाओं के साथ कारोबार करने का समान अवसर मिल सके.
तकनीक से बदली सरकारी खरीद की तस्वीर
पिछले 10 वर्षों में सरकारी खरीद के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है. GeM इसी बदलाव का एक प्रमुख उदाहरण है. प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक को केंद्र में रखकर बनाए गए इस मंच ने भारत में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी कारोबार करने में आसानी को मजबूत करने में भी योगदान दिया है.
पीएम मोदी ने लोगों से पीयूष गोयल का लेख पढ़ने की अपील की, ताकि GeM की अब तक की यात्रा और सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को आधुनिक बनाने में इसकी भूमिका को बेहतर तरीके से समझा जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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