राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के 21वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल के जवानों की जमकर सराहना की है. पीएम मोदी ने कहा कि संकट की घड़ी में जिस तरह से NDRF के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद करते हैं, वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है.
सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट (एक्स) में कहा, ‘राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के स्थापना दिवस पर, हम उन पुरुषों और महिलाओं के प्रति अपनी गहरी सराहना व्यक्त करते हैं जिनकी पेशेवर दक्षता और संकल्प संकट के क्षणों में अडिग रहते हैं.
On the Raising Day of the National Disaster Response Force (NDRF), we extend our deepest appreciation to the men and women whose professionalism and resolve stand tall in moments of crisis. Always at the forefront when a calamity strikes, NDRF personnel work tirelessly to protect… pic.twitter.com/cDtSGryOiW
— Narendra Modi (@narendramodi) January 19, 2026
उन्आहोंने आगे कहा कि पदा के समय हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहने वाले NDRF के कर्मी जान बचाने, राहत प्रदान करने और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उम्मीद जगाने के लिए अथक प्रयास करते हैं. उनका कौशल और कर्तव्यबोध सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण है. पिछले कुछ वर्षों में, NDRF आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया में एक बेंचमार्क के रूप में उभरा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत सम्मान मिला है.
संकट के समय ‘उम्मीद की किरण’
पीएम मोदी के इस संदेश से साफ है कि आज NDRF केवल एक रेस्क्यू टीम नहीं, बल्कि देश और दुनिया के लिए आपदा प्रबंधन का एक मॉडल बन चुकी है. चाहे वह तुर्किये का विनाशकारी भूकंप हो या देश के भीतर आने वाले भीषण चक्रवात और बाढ़, NDRF की ‘नारंगी वर्दी’ देखते ही लोगों के मन में सुरक्षित होने का अहसास जाग जाता है. पीएम ने विशेष रूप से जवानों की ‘प्रोफेशनलिज्म’ यानी उनकी काम करने की दक्षता की तारीफ की है.
NDRF का गौरवशाली इतिहास
भारत ने साल 1999 के ओडिशा चक्रवात और 2004 की सुनामी जैसी भयानक त्रासदियों को देखा है. इन्हीं अनुभवों के बाद यह महसूस किया गया कि भारत को एक ऐसी टीम की जरूरत है जो सिर्फ आपदाओं से निपटने में माहिर हो. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 19 जनवरी 2006 को NDRF का गठन किया गया था.
शुरुआत में केवल 8 बटालियनों के साथ शुरू हुआ यह सफर आज 16 बटालियनों तक पहुँच चुका है. आज NDRF के पास दुनिया के सबसे आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड और ऐसे एक्सपर्ट्स हैं जो जहरीली गैस लीक होने से लेकर गहरे पानी में फंसे लोगों को निकालने तक, हर काम में माहिर हैं.
वैश्विक स्तर पर बढ़ता सम्मान
आज NDRF की पहचान केवल भारत तक सीमित नहीं है. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में भी इसका जिक्र किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बल ने बहुत सम्मान कमाया है. ‘ऑपरेशन दोस्त’ जैसे मिशनों के जरिए विदेशी धरती पर जाकर लोगों की जान बचाकर NDRF ने साबित कर दिया है कि भारत अब आपदाओं के सामने असहाय नहीं है, बल्कि दुनिया की मदद करने में सक्षम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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