विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के सूरत दौरे पर पहुंचेंगे. इस दौरान दक्षिण गुजरात और राज्य के अन्य हिस्सों के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी. केंद्र सरकार की ओर से कुल 12,421 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा, जिनसे परिवहन व्यवस्था, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अंतर्गत वडोदरा-मुंबई मार्ग के दो महत्वपूर्ण सेक्शन राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इनमें 36 किलोमीटर लंबा कीम-एना खंड और 27.5 किलोमीटर लंबा गणदेवा-एना खंड शामिल है. इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 7,689 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
इन मार्गों पर आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े और छोटे पुल, फ्लाईओवर, रेल ओवरब्रिज तथा वाहन अंडरपास बनाए गए हैं. स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए कुल 70 अंडरपास और दो इंटरचेंज भी तैयार किए गए हैं. आठ लेन वाले इन मार्गों के शुरू होने से यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी.
यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रास्ते में सात आधुनिक रेस्ट एरिया भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां वाहन चालक आराम कर सकेंगे और आवश्यक सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे.
माल ढुलाई और उद्योगों को मिलेगा फायदा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इन हिस्सों के चालू होने से माल परिवहन की गति बढ़ेगी. इससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को लाभ मिलेगा, वहीं लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आने की संभावना है. सरकार का मानना है कि इससे भारतमाला परियोजना के लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी.
चार नई परियोजनाओं की भी रखी जाएगी आधारशिला
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री करीब 4,732 करोड़ रुपये की चार अन्य सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे. इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के दो प्रमुख हिस्सों को फोरलेन बनाने का काम शामिल है. इसके अलावा सूरत-हजीरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नए वाहन अंडरपास और फ्लाईओवर परियोजनाओं की शुरुआत भी की जाएगी.
एनएच-56 के विस्तार और चौड़ीकरण से नर्मदा, तापी, वलसाड और छोटा उदेपुर जैसे जनजातीय जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. साथ ही देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच भी पहले से अधिक सुगम हो जाएगी.
करीब 107.67 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनने के बाद यात्रियों का सफर लगभग 40 मिनट तक कम हो सकता है. अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर वाहनों की औसत गति में करीब 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
यह सड़क नेटवर्क क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को सीधे लाभ पहुंचाएगा. साथ ही फार्मा उद्योग, मेडिकल क्लस्टर, मत्स्य उद्योग, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बंदरगाह जैसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्र भी बेहतर तरीके से आपस में जुड़ सकेंगे.
हजीरा पोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के हजीरा पोर्ट-सूरत खंड पर लगभग 149 करोड़ रुपये की लागत से दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी. इनमें छह लेन फ्लाईओवर और आधुनिक अंडरपास का निर्माण शामिल है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हजीरा बंदरगाह और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो जाएगी. लंबे समय से ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस इलाके में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क न केवल समुद्री व्यापार को गति देगा बल्कि औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा. वहीं सूरत के आम नागरिकों को भी अधिक सुरक्षित, तेज और बिना रुकावट वाले सफर का लाभ मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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