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विद्या सिर्फ ज्ञान नहीं, जीवन को बेहतर बनाने का जरिया भी है: पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित

PM Modi Sanskrit Shloka: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर ‘हरिहर सुभाषितम्’ का संस्कृत श्लोक साझा किया. इसके जरिए उन्होंने विद्या के महत्व को समझाते हुए बताया कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवहार, सोच, मन और जीवन को बेहतर बनाने में भी मदद करती है.

PM Modi Sanskrit Shloka

पीएम मोदी ने ‘हरिहर सुभाषितम्’ का संस्कृत श्लोक साझा किया

PM Modi Sanskrit Shloka: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत के एक प्रसिद्ध ग्रंथ का सुभाषित शेयर किया. इस श्लोक के जरिए उन्होंने बताया कि विद्या का महत्व सिर्फ पढ़ाई और जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसान के व्यवहार, सोच और जीवन को भी बेहतर बनाती है.

प्रधानमंत्री ने ‘हरिहर सुभाषितम्’ से श्लोक साझा करते हुए लिखा, “उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्. उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥” यह श्लोक ‘इति श्रीहरिहरसुभाषिते बालविनयप्रकरणम्’ के दूसरे अध्याय का सातवां श्लोक है.

इसका सरल अर्थ है कि विद्या व्यक्ति को समाज में व्यवहार करने की समझ देती है. यह ज्ञान के साथ समृद्धि का रास्ता भी खोलती है, मन को प्रसन्न रखती है और व्यक्ति के महत्व को बढ़ाती है. श्लोक में विद्या की तुलना सुशासन की सेवा से की गई है, जो मन को प्रिय लगती है और जीवन को बेहतर दिशा देती है.

क्या है ‘हरिहर सुभाषितम्’?

‘हरिहर सुभाषितम्’ संस्कृत साहित्य का एक चर्चित सुभाषित ग्रंथ है. इसमें जीवन से जुड़े अनुभवों, नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक सीख को सरल और प्रभावशाली सूक्तियों के माध्यम से बताया गया है. संस्कृत में ‘सुभाषित’ का अर्थ सुंदर या सार्थक वचन होता है. ऐसे श्लोक जीवन में सही सोच और बेहतर आचरण की सीख देने के लिए जाने जाते हैं.


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पहले भी सुभाषित साझा कर चुके हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री इससे पहले भी लगातार संस्कृत के श्लोक साझा करते रहे हैं. मंगलवार को उन्होंने एक सुभाषित पोस्ट किया था, जिसमें बताया गया था कि समझदार व्यक्ति को छोटे-बड़े सभी शास्त्रों से उपयोगी ज्ञान ग्रहण करना चाहिए. इसके लिए उदाहरण दिया गया कि जैसे भौंरा अलग-अलग फूलों से केवल मधुरस लेता है, वैसे ही इंसान को भी हर स्रोत से ज्ञान का सार ग्रहण करना चाहिए.

इससे एक दिन पहले सोमवार को प्रधानमंत्री ने वायु, सूर्य और वर्षा से जुड़े वैदिक मंत्र को साझा किया था. इसका संदेश प्रकृति के तत्वों से कल्याण और सुख की कामना से जुड़ा है.

-भारत एक्सप्रेस



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