Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

अगले 10 साल भारत-जापान के लिए अहम: पीएम मोदी बोले- दोनों देशों के रिश्तों का सबसे मजबूत आधार बनेगी टेक्नोलॉजी

16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और जापानी पीएम साने ताकाइची ने अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक संयुक्त बयान जारी किया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा पर प्रतिबद्धता जताई.

PM Modi Sanae Takaichi

पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि जापान भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है. उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि आने वाले समय में नई दिल्ली और टोक्यो के बीच संबंध और भी अधिक मजबूत होंगे और इसमें टेक्नोलॉजी (तकनीक) साझेदारी सबसे बड़ा और मजबूत आधार बनेगी.

‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने दी जानकारी

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जापानी प्रधानमंत्री के साथ दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद लिखा, “जापान भारत का एक अहम साझेदार है और हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में हमारे रिश्ते और मजबूत होंगे. आज हमारी बातचीत भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के सभी पहलुओं पर हुई. इसमें टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा और सुरक्षा, दवाइयाँ और कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे.”

जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करने का विजन

आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आर्थिक संबंधों की बात करें तो हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है. अगले दस वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश आकर्षित करना और भारत में जापानी कंपनियों की मौजूदा संख्या को दोगुना करना है.” दोनों नेताओं ने 16वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग के पूरे दायरे की व्यापक समीक्षा की और उसे और ज्यादा मजबूत करने पर विस्तार से बात की.

AI के क्षेत्र में जारी हुआ संयुक्त बयान

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर आगे लिखा, “प्रधानमंत्री ताकाइची और मैं मानते हैं कि हमारी साझेदारी में तकनीक सबसे मजबूत आधार बनेगी. इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए आज हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक संयुक्त बयान जारी किया है. भारत के एआई क्षेत्र की कई प्रमुख संस्थाओं ने भी आज अपने जापानी सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए हैं. हमने ऊर्जा, लोगों के बीच संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट) और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर भी विस्तृत चर्चा की.”

फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP)

जापान की प्रधानमंत्री ने भी भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP)’ को आगे बढ़ाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बताया. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत जापान के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है, ताकि फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) को आगे बढ़ाया जा सके. अगले साल दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ को ध्यान में रखते हुए जापान और भारत मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और पूरी दुनिया की समृद्धि में योगदान देंगे.”

ये भी पढ़ें: भारत-जापान संयुक्त बयान में चीन को सख्त संदेश, पीएम मोदी और साने ताकाइची ने UNSC नियमों की याद दिलाई

जापान की पीएम साने ताकाइची ने स्पष्ट किया कि ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP)’ का उनका जो विचार है और प्रधानमंत्री मोदी का ‘महासागर’ विजन, दोनों का बुनियादी मकसद एक ही है— इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को एक ऐसा खुला और समृद्ध समुद्री क्षेत्र बनाना जहां सभी लोग आजादी, सुरक्षा और तरक्की का समान आनंद ले सकें. इस बैठक में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर भी गहन चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया.

नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Latest