Gujarat Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को एक विशेष पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने गुजरात की विकास यात्रा और राजनीतिक स्थिरता की जमकर सराहना की. पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात ने देश के सामने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है कि कैसे बेहतर काम के दम पर सरकार के खिलाफ माहौल (एंटी-इनकंबेंसी) को सरकार के समर्थन (प्रो-इनकंबेंसी) में बदला जा सकता है.
गुजरात ने बदला राजनीति का चलन
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में जिक्र किया कि अक्सर राजनीति में यह माना जाता है कि समय के साथ सरकारों के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता है. लेकिन गुजरात ने 1995 से लगातार इस धारणा को गलत साबित किया है. उन्होंने कहा कि जब सरकारें जनता की उम्मीदों पर खरी उतरती हैं, तो उन्हें बार-बार जनसमर्थन मिलता है. हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार के जनहित कार्यों पर जनता की मुहर बताया.
चुनौतियों से निकलकर बना विकास का मॉडल
पीएम मोदी ने उन दिनों को याद किया जब 1990 के दशक के अंत में गुजरात राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव से जूझ रहा था. उन्होंने कहा कि उस समय कई लोगों को लगता था कि राज्य दोबारा खड़ा नहीं हो पाएगा. लेकिन गुजरात की जनता ने अपनी हिम्मत और मेहनत से सबको गलत साबित कर दिया. आज गुजरात देश की आर्थिक तरक्की का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरा है.
विकास की नई ऊंचाइयों पर राज्य
प्रधानमंत्री ने विकास के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हुए कहा कि गुजरात आज मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर पावर के क्षेत्र में दुनिया भर में चर्चा का विषय है. उन्होंने नर्मदा के पानी को कच्छ और सौराष्ट्र तक पहुंचाने की सफलता का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि 2019 में सरदार सरोवर बांध का काम पूरा होना और उसका लाभ किसानों तक पहुंचना राज्य के लिए एक बड़ा मील का पत्थर रहा है.
कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचा
केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों की तारीफ करते हुए पीएम ने वंदे भारत ट्रेन, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, अहमदाबाद मेट्रो और राजकोट एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं को विकास की नई धुरी बताया. उन्होंने वडोदरा में विमान निर्माण और दाहोद में रेल कोच कारखाने का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में गुजरात का योगदान अतुलनीय है. इसके अलावा, उन्होंने सूरत के हीरा उद्योग और जामनगर के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र (ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन) की वैश्विक पहचान को भी सराहा.
सोमनाथ के दर्शन करने आएंगे पीएम मोदी
अपनी संस्कृति और आस्था से जुड़ाव व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि यह मंदिर हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है, जो बार-बार टूटने के बाद भी हर बार शान से खड़ा हुआ. पीएम मोदी ने घोषणा की कि वे सोमनाथ मंदिर के पुनः प्राण प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर जल्द ही गुजरात का दौरा करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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