प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) को राज्यसभा में कहा कि सरकार घरेलू गैस सप्लाई को मजबूत करने के लिए एलपीजी (LPG) के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर भी जोर दे रही है. उनका कहना है कि देश को किसी एक ईंधन स्रोत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. पिछले दस सालों में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है और हाल के समय में इस रफ्तार को और तेज किया गया है. साथ ही, एलपीजी के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करना है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना ही सबसे बेहतर रास्ता है. उन्होंने बताया कि अभी भारत का 90 प्रतिशत से ज्यादा व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जो किसी वैश्विक संकट के समय खतरा बन सकता है. इसे देखते हुए सरकार ने देश में ही जहाज बनाने के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपये की योजना शुरू की है.
रक्षा और उद्योग में प्रगति
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब शिप बिल्डिंग, शिप रिपेयर और मेंटेनेंस जैसी सुविधाओं को तेजी से विकसित कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में किए गए प्रयासों का असर यह है कि अब भारत अपनी जरूरत के ज्यादातर हथियार खुद ही बना रहा है. इसके अलावा, पहले भारत जीवन रक्षक दवाओं के कच्चे माल (API) के लिए विदेशों पर निर्भर था, लेकिन अब देश में ही इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है.
रेयर अर्थ मिनरल्स और अर्थव्यवस्था पर ध्यान
प्रधानमंत्री ने बताया कि रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में भी विदेशी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और इससे उबरने में समय लगेगा.
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सरकार की रणनीति और तैयारी
भारत पर इसका असर कम से कम पड़े, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है. अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे, इसके लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म रणनीतियों पर काम किया जा रहा है. साथ ही, एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया गया है, जो आयात-निर्यात से जुड़ी समस्याओं पर नजर रखता है और समय-समय पर समाधान तैयार करता है.
-भारत एक्सप्रेस
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