प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अपने आवास पर एनडीए के कुछ सांसदों के साथ मुलाकात की. इस बैठक में हाल ही में एनडीए के साथ जुड़े सांसद भी शामिल हुए, जिनमें तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसद और शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में गए सांसद भी मौजूद रहे.
बैठक के बाद एनसीपीआई सांसद शताब्दी रॉय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से बेहद सहज माहौल में बातचीत की. उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों की बात सुनी और उनके संसदीय कामकाज को लेकर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान सभी सांसदों ने साथ बैठकर चाय भी पी.
शताब्दी रॉय ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को यह भरोसा दिलाया कि संसद में उनकी भूमिका और उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने सांसदों से उनके-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली.
शिंदे गुट के सांसदों समेत कई नए सहयोगियों ने दिखाई मौजूदगी
बैठक में उन सांसदों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जो हाल के समय में राजनीतिक रूप से एनडीए के करीब आए हैं. इनमें वे सांसद भी शामिल थे जिन्होंने अपनी पुरानी पार्टियों से अलग होकर एनडीए का समर्थन करने का फैसला किया है. इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर शिंदे गुट में शामिल हुए लोकसभा सांसदों ने भी बैठक में हिस्सा लिया.
प्रधानमंत्री की यह मुलाकात सांसदों के साथ संवाद बनाए रखने की उनकी पहल का हिस्सा मानी जा रही है. इसका उद्देश्य एनडीए के घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और संसद के कामकाज में सभी सांसदों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.
इससे पहले बुधवार को भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सरकारी आवास पर भाजपा के 37 सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की थी. यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की रणनीति के तहत आयोजित की गई थी.
प्रधानमंत्री ने सांसदों से साझा किए अनुभव
सूत्रों के मुताबिक, उस बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ अपने अनुभव साझा किए और कई मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत की. इस दौरान भाजपा और उसके सहयोगी दलों से जुड़े कई नेता भी मौजूद रहे. इनमें वरिष्ठ भाजपा नेता तरुण चुघ, विनोद तावड़े और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई अन्य नेता शामिल थे.
बैठकों के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों को संसदीय कार्यवाही में सक्रिय रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सांसदों को संसद में मिलने वाले समय का उपयोग सीखने, जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और देश के विकास के लिए काम करने में करना चाहिए.
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भारत एक्सप्रेस
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