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‘विक्रम-1’ की सफलता के बाद पीएम मोदी से मिले स्काईरूट के फाउंडर्स, किन मुद्दों पर हुई बात?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विक्रम-1’ मिशन की सफलता के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापक पवन चंदना और नागा भरत डाका से मुलाकात की. पीएम ने कहा कि युवा उद्यमियों की ऊर्जा और नवाचार भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस सेक्टर की ताकत का प्रतीक हैं.

PM Modi Meets Skyroot Founders: भारत के पहले प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित ऑर्बिटल क्लास रॉकेट ‘विक्रम-1’ को सफलतापूर्वक लॉन्च कर इतिहास रचने वाली स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) के संस्थापकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है.

इस खास मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्काईरूट के फाउंडर्स पवन चंदना और नागा भरत डाका के जज्बे की जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा कि इन युवा उद्यमियों की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और सकारात्मक सोच भारत के तेजी से उभरते प्राइवेट स्पेस सेक्टर की जीवंत और मजबूत भावना को दर्शाती है.

 

किन मुद्दों पर हुई बात?(PM Modi Meets Skyroot Founders)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए खुशी जताई. पीएम मोदी ने लिखा कि स्काईरूट एयरोस्पेस के पवन चंदना और नागा भरत डाका के साथ बेहद सार्थक और अच्छी बातचीत हुई. इस मुलाकात के दौरान ‘विक्रम-1’ मिशन की ऐतिहासिक सफलता सबसे मुख्य विषय रही, जिसके साथ ही कंपनी की अब तक की अंतरिक्ष यात्रा और भविष्य के नए मिशन्स पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

श्रीहरिकोटा से रवाना हुआ था 7 मंजिला ऊंचा ‘विक्रम-1’

उल्लेखनीय है कि स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार को ‘मिशन आगमन’ के तहत अपने चार चरणों वाले और सात मंजिला इमारत जितने ऊंचे ‘विक्रम-1’ रॉकेट को इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (श्रीहरिकोटा) से सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. ज्ञात हो इस रॉकेट ने कई तकनीकी पेलोड के साथ-साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक विशेष पोस्टकार्ड भी पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया था.

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प्राइवेट स्पेस मार्केट में भारत का प्रवेश

विक्रम-1 की इस अभूतपूर्व सफलता के साथ ही भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने वाले अरबों डॉलर के वैश्विक कमर्शियल मार्केट में औपचारिक रूप से अपनी दमदार एंट्री दर्ज करा ली है. लंबे समय तक केवल सरकारी नियंत्रण में रहने वाले स्पेस सेक्टर को जब से केंद्र सरकार ने निजी कंपनियों के लिए खोला है, तब से देश के युवा इनोवेटर्स अपनी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया में मनवा रहे हैं.

यही ही नहीं स्काईरूट के संस्थापकों के साथ प्रधानमंत्री की यह मुलाकात दिखाती है कि सरकार देश के प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है.

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-भारत एक्सप्रेस



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