International Women’s Day: पीएम मोदी (PM Modi) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने संकल्प, रचनात्मकता और उत्साह से भारत की प्रगति को नई दिशा दे रही हैं.
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नारी शक्ति की उपलब्धियां पूरे देश को प्रेरित करती हैं और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को मजबूत बनाती हैं. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की योजनाओं और पहलों का केंद्र है.
महिला सशक्तिकरण पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ऐसे अवसर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और देश की विकास यात्रा में योगदान दे सके. उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों को राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की याद दिलाई.
पिछले दशक में बदलाव
पीएम मोदी ने बताया कि बीते दस वर्षों में महिलाओं के जीवन में जमीनी स्तर पर बड़ा परिवर्तन आया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है.
माईगव इंडिया का पोस्ट
‘माईगव इंडिया’ ने भी महिला दिवस पर एक पोस्ट साझा किया. इसमें कहा गया कि पहले समाज की धारणाएं महिलाओं की भूमिका तय करती थीं, लेकिन आज महिलाएं विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, रक्षा और जनसेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं.
उज्ज्वला योजना का असर
पोस्ट में बताया गया कि 10.5 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शनों ने महिलाओं को धुएं से भरे रसोईघर की मुश्किलों से राहत दी है. इससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य मिला और रोजाना लगभग तीन घंटे का अतिरिक्त समय भी मिला.
स्वच्छ भारत मिशन और आवास योजना
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने 12 करोड़ से अधिक शौचालयों ने महिलाओं को सुरक्षा और गरिमा दी है. वहीं, पीएम मोदी आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने 72 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम पर हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित आवास और आर्थिक सशक्तिकरण मिला है.
जन धन खाते और उद्यमिता
28 करोड़ से अधिक जन धन खातों ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है. ‘जीईएम’ प्लेटफॉर्म पर महिला-नेतृत्व वाले एमएसई को 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं.
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लखपति दीदी और पंचायत प्रतिनिधि
3 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदी’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं. वहीं, पंचायती राज संस्थाओं में 14.5 लाख महिला प्रतिनिधि चुनी गई हैं, जो कुल प्रतिनिधियों का लगभग 46 प्रतिशत हैं. यह लोकतंत्र में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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