भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और लौह पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी की आज 101वीं जयंती है, जिन्होंने भारत को एक नई दिशा दी. अटल बिहार ने भारत के सभी राज्यों और रियासतों को एकजुट करने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी. आज पूरा भारत उनके इस योगदान के लिए उन्हें याद करता है. उनके जन्मदिन के इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी और बोले- प्रखर वक्ता के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेंगे.
देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने इस अवसर पर अचल बिहारी को याद करते हुए जो पोस्ट किए. पहले पोस्ट में उन्होंने लिखा ‘देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर सादर नमन. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया.’
देशवासियों के हृदय में बसे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिया। वे एक प्रखर वक्ता के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और… pic.twitter.com/lFUdCnm7cf
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2025
इस पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने अटल जी की यादों से जुड़ी एक वीडियो भी साझा किया है.
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प
वहीं भावुकता में PM Modi में एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आदरणीय अटल जी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है. उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है.
आदरणीय अटल जी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित… pic.twitter.com/jPHRsrGDD7
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2025
उन्होंने आगे लिखा, ‘उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठ पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है.
इस अवसर पर मैं इस सुभाषित को साझा कर रहा हूं, जो उनके जीवन के एक पहलू को परिभाषित करता है:
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥’
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-भारत एक्सप्रेस
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