Urdu Conclave 2026

‘निडरता और त्याग के महासंत…’, प्रकाश पर्व पर पीएम मोदी के इस संदेश ने कैसे जीत लिया सबका दिल?

Narendra Modi ने गुरु तेग बहादुर के प्रकाश पर्व पर उन्हें नमन करते हुए निडरता और त्याग का प्रतीक बताया. पीएम ने कहा कि उनका जीवन सत्य, न्याय और मानवता के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है…

Guru Tegh Bahadur Prakash Parv PM Modi message: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके जीवन को मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ बताया है. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में गुरु साहिब को ‘महान संत’ और ‘निडरता का प्रतीक’ करार दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और सम्मान के लिए कैसे अडिग रहा जाता है.

‘सत्य और न्याय के लिए अडिग संघर्ष’

प्रधानमंत्री ने गुरु साहिब के जीवन को निडरता, त्याग और मानवता के प्रति गहरी भावना का बेजोड़ उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने हमेशा सच और धर्म की रक्षा के लिए खुद को संकट में डाला. पीएम मोदी के अनुसार, गुरु साहिब ने कभी भी अन्याय के सामने समझौता नहीं किया. उनका संघर्ष केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और न्याय की स्थापना के लिए था, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है.

 

सौहार्दपूर्ण समाज बनाने की प्रेरणा

पीएम मोदी ने जोर दिया कि गुरु तेग बहादुर जी का अमर संदेश हमें एक न्यायपूर्ण, दयालु और सौहार्दपूर्ण समाज बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब के मूल्य आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हैं, जहां दुनिया को करुणा और आपसी भाईचारे की सबसे अधिक आवश्यकता है. उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया.

ये भी पढ़ें- पेशावर से खैबर तक गैस का अकाल! चूल्हे ठंडे और गाड़ियां बंद; पाकिस्तान में जीवन हुआ दूभर

वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति का गौरव

प्रधानमंत्री अक्सर अपने भाषणों में सिख गुरुओं के योगदान का जिक्र करते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु साहिब की शिक्षाएं केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे विश्व को शांति और वीरता का संदेश देती हैं. मोदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी जैसे संतों के कारण ही भारतीय संस्कृति आज भी अक्षुण्ण है. उनका जीवन हमें सिखाता है कि धर्म की रक्षा के लिए स्वयं का बलिदान देना सबसे बड़ा पुण्य है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read