Guru Tegh Bahadur Prakash Parv PM Modi message: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके जीवन को मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ बताया है. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में गुरु साहिब को ‘महान संत’ और ‘निडरता का प्रतीक’ करार दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और सम्मान के लिए कैसे अडिग रहा जाता है.
‘सत्य और न्याय के लिए अडिग संघर्ष’
प्रधानमंत्री ने गुरु साहिब के जीवन को निडरता, त्याग और मानवता के प्रति गहरी भावना का बेजोड़ उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने हमेशा सच और धर्म की रक्षा के लिए खुद को संकट में डाला. पीएम मोदी के अनुसार, गुरु साहिब ने कभी भी अन्याय के सामने समझौता नहीं किया. उनका संघर्ष केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और न्याय की स्थापना के लिए था, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है.
On the sacred occasion of the Parkash Purab of Sri Guru Tegh Bahadur Ji, I offer my respectful homage to a towering spiritual great of our civilisation. His life was a radiant example of fearlessness, sacrifice and deep concern for humanity. He stood firm in defence of truth,…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 7, 2026
सौहार्दपूर्ण समाज बनाने की प्रेरणा
पीएम मोदी ने जोर दिया कि गुरु तेग बहादुर जी का अमर संदेश हमें एक न्यायपूर्ण, दयालु और सौहार्दपूर्ण समाज बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब के मूल्य आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हैं, जहां दुनिया को करुणा और आपसी भाईचारे की सबसे अधिक आवश्यकता है. उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया.
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वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति का गौरव
प्रधानमंत्री अक्सर अपने भाषणों में सिख गुरुओं के योगदान का जिक्र करते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु साहिब की शिक्षाएं केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे विश्व को शांति और वीरता का संदेश देती हैं. मोदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी जैसे संतों के कारण ही भारतीय संस्कृति आज भी अक्षुण्ण है. उनका जीवन हमें सिखाता है कि धर्म की रक्षा के लिए स्वयं का बलिदान देना सबसे बड़ा पुण्य है.
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-भारत एक्सप्रेस
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