India Semiconductor Mission 2.0: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ के साथ आयोजित राउंडटेबल बैठक में देश को सेमीकंडक्टर और उभरती तकनीकों का अग्रणी केंद्र बनाने पर जोर दिया. बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से उद्योग को पूर्ण समर्थन, स्थिर व पूर्वानुमानित नीतिगत माहौल तथा कौशल विकास, नवाचार और बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर निरंतर ध्यान देने का आश्वासन दिया.
During this evening’s Semiconductor Roundtable with CEOs, I emphasised:
Unequivocal support to the semiconductor industry from the Centre.
Predictable and responsive policy environment.
Continued focus on skilling, innovation and infrastructure upgradation.
Furthering…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 16, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उभरती तकनीकों में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखता है. बैठक में माइक्रोन, इंटेल, एएमडी, एएसएमएल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन समेत विश्व की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सीईओ ने हाल के वर्षों में हुई प्रगति की सराहना करते हुए भारत को प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर हब बनाने में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई.
यह बैठक सेमीकॉन इंडिया 2026 सम्मेलन से ठीक पहले हुई, जिसे प्रधानमंत्री गुरुवार को उद्घाटित करेंगे. भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 1.27 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 12 परियोजनाएं मंजूर हो चुकी हैं, जिनमें से कुछ संयंत्र पहले ही उत्पादन शुरू कर चुके हैं.
सरकार 2030 तक 200 अरब डॉलर का सेमीकंडक्टर बाजार बनाने का लक्ष्य रख रही है. प्रधानमंत्री के इस संदेश से स्पष्ट है कि भारत अब सिर्फ नीति नहीं, बल्कि उत्पादन और संपूर्ण इकोसिस्टम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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