Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

‘मुश्किल वक्त में भी मत खोना धैर्य’: पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा कर देशवासियों को दिया खास संदेश

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संस्कृत सुभाषित साझा कर मुश्किल हालात में धैर्य और निरंतर कर्म का संदेश दिया. उन्होंने एक प्रेरणादायी वीडियो के जरिए उम्मीद की नई किरण दिखाई.

PM Modi

PM Modi

जिंदगी चाहे कितनी भी मुश्किल राहों से क्यों न गुजर रही हो, इंसान को कभी अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए और निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा कर देशवासियों को गहरा जीवन मंत्र दिया है.

क्या है इस संस्कृत सुभाषित का मतलब?

प्रधानमंत्री मोदी ने श्लोक को साझा करते हुए लिखा:

‘त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः ।

याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको वाञ्छति कर्म एव ।।’

आसान शब्दों में इसका भावार्थ यह है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी प्रतिकूल या दुर्भाग्यपूर्ण क्यों न हों, इंसान को कभी हिम्मत और धैर्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए. धैर्य के बल पर ही व्यक्ति बुरे से बुरे दौर से बाहर निकलकर अपनी स्थिति में सुधार ला सकता है. ठीक उसी तरह, जैसे समंदर के बीचों-बीच अगर जहाज टूट भी जाए, तब भी एक नाविक उम्मीद नहीं हारता और तैरकर किनारे तक पहुंचने की हर संभव कोशिश में जुटा रहता है.

वीडियो के जरिए दी उम्मीद

पीएम मोदी ने इस सुभाषित को एक बेहद प्रभावशाली और प्रेरणादायी वीडियो के साथ पोस्ट किया. इस वीडियो में तूफानी लहरों के बीच हादसे के बाद एक व्यक्ति के संघर्ष के साथ-साथ एक नई सुबह और उम्मीद की किरण के रूप में सूर्योदय की छवि दिखाई गई है.

वीडियो में सुभाषित का हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद भी दिया गया है, ताकि हर कोई इसके अर्थ को आसानी से समझ सके. यह संदेश जीवन की कठिनाइयों के सामने संकल्पबद्ध रहकर लगातार कर्म करते रहने के महत्व को रेखांकित करता है.

ये भी पढ़ें: 15 से ज्यादा राज्यों में मानसून का तांडव, दिल्ली-UP हर तरफ होने वाली है बादलों की घेराबंदी; IMD की चेतावनी

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital