श्रीलंका इस समय दितवाह चक्रवाती तुफान से प्रभावित है. इस गंभीर समस्या को लेकर पीएम मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके से फोन पर बात की. उन्होंने दिसानायके से लोगों की जान-माल की हानि पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस कठिन समय में श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े हैं.
दिसानायके ने जताया भारत का आभार
राष्ट्रपति दिसानायके ने आपदा के बाद भारत की सहायता के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और बचाव दलों तथा राहत सामग्री की त्वरित तैनाती की सराहना की. उन्होंने समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया प्रयासों के लिए श्रीलंका की जनता की ओर से भी भारत का आभार व्यक्त किया.
PM Modi ने राष्ट्रपति दिसानायके को संकटग्रस्त व्यक्तियों को बचाव और राहत प्रदान करने के लिए चल रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया.
उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत आने वाले दिनों में श्रीलंका द्वारा पुनर्वास प्रयासों, सार्वजनिक सेवाओं को फिर से शुरू करने और प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका बहाल करने के प्रयासों के तहत सभी आवश्यक सहायता प्रदान करता रहेगा. दोनों नेताओं ने निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की.
तबाही से अबतक 334 मौत
श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह से मची तबाही में अब तक कम से कम 334 लोगों की मौत हो चुकी है. कोलंबिया के स्थानीय मीडिया ने डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (डीएमसी) के हवाले से बताया कि 370 लोगों की अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. इस बीच ऑपरेशन सागरबंधु के तहत भारतीय वायु सेना श्रीलंका के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर रही है. भारतीय वायुसेना ने 40 श्रीलंकाई सैनिकों और 104 भारतीयों को रेस्क्यू किया.
इस तूफान से कैंडी शहर में सबसे ज्यादा तबाही मची है. कैंडी में अब तक 88 मौतें हुई हैं, जबकि 150 लोग लापता बताए गए हैं. बादुल्ला में 71, नुवारा एलिया में 68 और मटाले में 23 लोगों की मौत हुई है. डेली मिरर ने डीएमसी के हवाले से बताया कि इस आपदा से देशभर के 309,607 परिवारों के 1,118,929 लोग प्रभावित हुए हैं.
ये भी पढें: पीएम मोदी की एक और पहल! देशभर के राजभवनों के नाम बदले; केंद्र ने जारी किया आदेश
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


