Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘नारी शक्ति’ ही सशक्त भारत की असली पहचान: संसद के विशेष सत्र के बीच पीएम मोदी संस्कृत श्लोक से दिया प्रेरक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति को सशक्त भारत की पहचान बताते हुए एक विशेष संस्कृत श्लोक साझा किया. संसद में महिला आरक्षण पर चर्चा के बीच पीएम ने माताओं-बहनों के संकल्प को देश की प्रगति का आधार बताया.

pm-modi-tributes-nari-shakti-sanskrit-shlok-women-reservation-bill

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 17 अप्रैल को देश की ‘नारी शक्ति’ को नमन करते हुए उन्हें विकसित और सशक्त भारत का सबसे मजबूत स्तंभ बताया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक और प्रेरक पोस्ट के जरिए पीएम ने देश की माताओं, बहनों और बेटियों के जज्बे को सलाम किया. प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) जैसे ऐतिहासिक क्रांतिकारी कदमों पर मंथन हो रहा है.

संस्कृत श्लोक से दी देवी स्वरूपा शक्ति को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में न केवल महिलाओं के योगदान की सराहना की, बल्कि एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा कर उन्हें आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से सर्वोपरि बताया. साझा किए गए श्लोक का अर्थ है कि वह देवी अंबिका, जो अपनी आत्मशक्ति से पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त हैं और समस्त देवताओं की शक्ति का पुंज हैं, वे हम सभी का कल्याण करें. पीएम ने इस श्लोक के माध्यम से संदेश दिया कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा से शक्ति का केंद्र माना गया है और आज वही शक्ति आधुनिक भारत का नेतृत्व कर रही है.

संकल्प से सिद्धि तक: हर क्षेत्र में बढ़ता गौरव

पीएम मोदी ने लिखा, “हमारी नारी शक्ति की संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव आज हर क्षेत्र में भारत का गौरव बढ़ा रहा है.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चाहे सीमा की सुरक्षा (रक्षा) हो, विज्ञान की बारीकियां हों, खेलों का मैदान हो या स्टार्टअप की दुनिया- भारत की बेटियां आज किसी से पीछे नहीं हैं.

प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्टैंड-अप इंडिया जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्र के विकास में मुख्य भागीदार बनाना है.

नए भारत का शंखनाद

संसद में चल रही चर्चाओं का संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री ने दोहराया कि नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास का आधार है. उन्होंने कहा कि जब माताओं और बहनों का सम्मान बढ़ता है, तो पूरे राष्ट्र का सम्मान बढ़ता है. जानकारों का मानना है कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे कदम आगामी चुनावों और देश के राजनीतिक भविष्य में महिलाओं की भागीदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.

ये भी पढ़ें: पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 100वीं जयंती: पीएम मोदी ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, बोले- ‘मिट्टी से जुड़े निडर जननेता’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital