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तेल संकट के बीच पीएम मोदी चले विदेश! क्या UAE दौरा बनेगा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का तोड़?

ईरान-इजरायल तनाव के बीच पीएम मोदी UAE दौरे पर पहुँचे हैं, जहाँ तेल और LNG सप्लाई पर बड़े समझौते संभव हैं. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह दौरा भारत में बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकता है…

PM Modi UAE Visit Oil Crisis: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, बीमा खर्च बढ़ रहे हैं और भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये का इजाफा हो चुका है. इसी ‘ऑयल क्राइसिस’ के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी 5 देशों की यात्रा के पहले पड़ाव पर आज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंच रहे हैं.

मोदी के इस दौरे को लेकर जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह मुलाकात भारत में महंगाई के रुख को मोड़ने की ताकत रखती है.

होर्मुज तनाव के बीच क्यों जरूरी है यह दौरा?

ईरान-इजरायल तनाव की वजह से ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का रास्ता लगभग चोक हो चुका है. भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है और इस समुद्री रास्ते में जरा सी भी रुकावट सीधे तौर पर भारत के चालू खाते और आम आदमी की जेब पर असर डालती है.

इस दौरे से पीएम मोदी की कोशिश है कि UAE के साथ ‘सप्लाई की लचीली शर्तों’ पर बात कर इस अनिश्चितता को खत्म किया जाए, ताकि युद्ध के बावजूद भारत को तेल की सप्लाई निर्बाध मिलती रहे.

संकट के लिए बनेगा बैकअप(PM Modi UAE Visit during Oil Crisis)

भारत के पास फिलहाल 5.33 MMT क्षमता वाले तीन रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र हैं, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए दो और केंद्र (6.5 MMT) बनाने की तैयारी है. बड़ी खबर यह है कि इस मॉडल में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) की भागीदारी को और बढ़ाया जा सकता है. अगर UAE भारत के इन भंडारों को भरने में मदद करता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उछलने पर भी भारत के पास सुरक्षित कोटा मौजूद रहेगा.

भारत के लिए क्या है ‘गोल्डन चांस’?

UAE हाल ही में तेल उत्पादक देशों के संगठन ‘ओपेक’ से बाहर हुआ है. इसका मतलब है कि अब उसके पास अपनी मर्जी से तेल उत्पादन बढ़ाने की आजादी है. ऐसे में जब दुनिया के अन्य देश सप्लाई कम कर रहे हैं, UAE भारत का एक ‘भरोसेमंद और स्वतंत्र सप्लायर’ बनकर उभर सकता है. जनवरी में हुए 3 अरब डॉलर के एलएनजी समझौते के बाद, इस दौरे में और भी बड़े लॉन्ग टर्म क्रूड ऑयल और एलएनजी समझौतों पर मुहर लग सकती है.

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महंगाई पर लगेगा लगाम?(PM Modi UAE Visit)

सिर्फ कच्चा तेल ही नहीं, भारत का ध्यान कुकिंग गैस (LNG) की सुरक्षा पर भी है. अगर पीएम मोदी एलएनजी की सप्लाई और कीमतों पर ठोस आश्वासन हासिल कर लेते हैं, तो यह न केवल गाड़ियों के ईंधन बल्कि घरेलू गैस की कीमतों को भी स्थिर करने में मदद करेगा. भारत और UAE के बीच व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी इसी ऊर्जा साझेदारी पर टिका है.

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-भारत एक्सप्रेस



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