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वन्यजीव संरक्षण में भारत की बड़ी उड़ान: पीएम मोदी ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां और नई पहल

पीएम मोदी ने वन्यजीव दिवस पर भारत की संरक्षण उपलब्धियों को याद किया. बिग कैट एलायंस से लेकर चीता प्रोजेक्ट की सफलता तक, जानिए कैसे एनडीए सरकार ने बदली वन्यजीव संरक्षण की दिशा.

PM Modi Tweet on World Wildlife Day

भारत आज न केवल अपनी आर्थिक प्रगति के लिए दुनिया भर में चर्चा में है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के क्षेत्र में भी एक वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है. हाल ही में ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में वन्यजीवों की रक्षा के लिए एनडीए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित किया. पीएम ने अपने संदेश में बताया कि कैसे भारत न केवल अपनी जैव विविधता को सहेज रहा है, बल्कि विलुप्त हो चुकी प्रजातियों को दोबारा वापस लाने का साहसिक कार्य भी कर रहा है.

वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास: PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं. इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (International Big Cat Alliance) की स्थापना शामिल है, जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए एक असाधारण मंच है.

पीएम मोदी ने आखिर में कहा कि अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर का संरक्षण और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं.

क्या है ‘इंटर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस’?

‘इंटर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस’ (IBCA) एक बहु-देशीय और बहु-एजेंसी गठबंधन है, जिसे भारत ने सात प्रमुख ‘बिग कैट’ प्रजातियों, बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण के लिए शुरू किया है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह दुनिया भर के देशों को एक मंच पर लाता है ताकि वे इन शानदार जीवों को विलुप्त होने से बचाने के लिए अपने अनुभव और तकनीक साझा कर सकें.

चीतों की वापसी

भारत में चीतों की वापसी ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत 2022 में शुरू हुई थी, जिसे आज दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बड़े मांसाहारी वन्यजीव स्थानांतरण माना जाता है. कुनो नेशनल पार्क में शुरू हुआ यह प्रयोग अब बेहद सफल साबित हो रहा है.

ताजा आंकड़ों के अनुसार, चीतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और भारत की धरती पर ही अब कई शावक (cubs) जन्म ले रहे हैं. यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारत के वैज्ञानिक और वन विभाग की मेहनत रंग ला रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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