आज ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ (World Wildlife Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारतीय परंपरा और आधुनिक संरक्षण के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित किया है. प्रधानमंत्री ने न केवल वन्यजीवों को बचाने का संकल्प दोहराया, बल्कि भारत के प्राचीन शास्त्रों से एक ऐसे श्लोक का उल्लेख किया, जो पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संतुलन का सबसे सटीक मंत्र है. उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्र हमें सिखाते हैं कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि यह हमारी संवेदनशीलता और जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए.
वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री ने एक श्लोक साझा करते हुए लिखा, ‘आज World Wildlife Day है. हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है. उनसे हमें वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है.
आज World Wildlife Day है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है…
निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।
तस्माद् व्याघ्रो वनं… pic.twitter.com/Ov21JPYqR1
— Narendra Modi (@narendramodi) March 3, 2026
उन्होंने आगे लिखा कि उसका एक उदाहरण यह है…
“निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्.
तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”
क्या है श्लोक का अर्थ?
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए इस श्लोक का भावार्थ बेहद गहरा है. इसका अर्थ है, बिना वन के बाघ नष्ट हो जाता है, और बिना बाघ के जंगल नष्ट हो जाता है. इसलिए, बाघ को जंगल की रक्षा करनी चाहिए और जंगल को बाघ का पालन करना चाहिए.
भारत: जहां फलीभूत हो रही है जैव-विविधता
पीएम मोदी ने इस अवसर पर भारत की उन उपलब्धियों पर गर्व जताया जो वैश्विक मंच पर भारत को एक ‘संरक्षण हब’ के रूप में स्थापित करती हैं:
- टाइगर की शक्ति: भारत आज दुनिया की 70% से अधिक बाघ आबादी का घर है.
- अद्वितीय प्रजातियां: भारत दुनिया में एकमात्र स्थान है जहां एशियाई शेर (Asiatic Lion) स्वतंत्र रूप से घूमते हैं. साथ ही, भारत में एक सींग वाले गैंडों और एशियाई हाथियों की भी सबसे बड़ी आबादी है.
- सक्रिय संरक्षण: पीएम ने ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ और चीता स्थानांतरण (Project Cheetah) को भारत के साहसिक कदमों के रूप में याद किया.
भविष्य की ओर बढ़ता कदम
वन्यजीव दिवस 2026 का विषय इस वर्ष ‘औषधीय और सुगंधित पौधों’ पर केंद्रित है, जो हमें याद दिलाता है कि जंगल केवल जानवरों का घर नहीं हैं, बल्कि वे मानव स्वास्थ्य और जीवन का आधार भी हैं.
ये भी पढ़ें: पहलगाम आतंकी हमले में इस्तेमाल GoPro कैमरा चीन से जुड़ा, NIA ने बीजिंग से मांगी मदद
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



