PM Modi Post Budget Webinar: बजट के पन्नों पर छपे सुनहरे आंकड़े और योजनाएं जब तक जमीन पर न उतरें, तब तक वे महज वादे ही रहते हैं. नीतियों और उनके क्रियान्वयन के बीच की इसी खाई को पाटने के लिए पीएम मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. आज (3 मार्च) सुबह 11:15 बजे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और अहम स्टेकहोल्डर्स के साथ एक सीधा और निर्णायक संवाद करने जा रहे हैं. ‘पोस्ट बजट वेबिनार’ की इस विशेष श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि बजट घोषणाओं को ‘एक्शन प्लान’ में बदलना है. आइए, एक एक्सप्लेनर के जरिए डिकोड करते हैं पीएम मोदी के इस मेगा इकोनॉमिक ब्लूप्रिंट को.
क्या है इस ‘बजट पश्चात वेबिनार’ का मुख्य एजेंडा?
केंद्रीय बजट पेश होने के बाद, अक्सर सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद की कमी रह जाती है. इस दूरी को खत्म करने के लिए यह वेबिनार आयोजित किया जा रहा है. इस वर्ष के वेबिनार की केंद्रीय थीम “आर्थिक विकास को बनाए रखना और मजबूत करना” रखी गई है. इसका प्राथमिक उद्देश्य सरकार के दूरदर्शी सुधारों पर प्रकाश डालना, औद्योगिक क्षमता का विस्तार करना, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करना और देश में रोजगार सृजन को नई रफ्तार देना है.
अर्थव्यवस्था के 4 अहम ‘पिलर्स’
आर्थिक विकास की इस व्यापक थीम को जमीन पर उतारने के लिए वेबिनार को चार अलग-अलग और बेहद महत्वपूर्ण सत्रों (Sessions) में बांटा गया है.
- विनिर्माण और रणनीतिक क्षेत्र: इसमें औद्योगिक उन्नयन और उत्पादन के पैमाने को बढ़ाकर भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर चर्चा होगी.
- MSME, वित्त और बाजार पहुंच: देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों को आसानी से कर्ज कैसे मिले और उनके उत्पादों की विश्व बाजार तक पहुंच कैसे सुनिश्चित हो, यह इसका मुख्य बिंदु रहेगा.
- शहरी आर्थिक क्षेत्र: बढ़ते शहरीकरण को आर्थिक विकास के इंजन में कैसे बदला जाए, इस पर नीति निर्माताओं के साथ मंथन होगा.
- अवसंरचना, रसद और माल ढुलाई: देश में ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई की लागत को कम करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के रोडमैप पर उद्योग जगत के सुझाव लिए जाएंगे.
अनुभव से तय होगी आगे की राह
इस वेबिनार की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘टू-वे कम्युनिकेशन’ (दो-तरफा संवाद) है. यह केवल सरकार का भाषण नहीं होगा, बल्कि इसमें उद्योग जगत के दिग्गज अपने जमीनी अनुभव और व्यावहारिक सुझाव साझा करेंगे. सरकार का मानना है कि इन इनपुट्स के जरिए नीतिगत प्राथमिकताओं को वास्तविक आर्थिक परिणामों में बदलने में काफी मदद मिलेगी.
ये भी पढ़ें: ‘भला होता खेलते ही नहीं..’, भारत से हार, खिलाड़ियों पर निकली पाकिस्तान की खुन्नस; जुर्माने की रकम ने मचाई हाय तौबा
विजन से एक्शन तक का सफर
भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का रास्ता फाइलों से नहीं, बल्कि फैक्ट्रियों, मजबूत एमएसएमई और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के ठोस क्रियान्वयन से होकर गुजरता है. प्रधानमंत्री मोदी का यह वेबिनार सिर्फ एक चर्चा नहीं, बल्कि सरकार और उद्योग जगत के बीच ‘भरोसे’ का वह पुल है, जो बजट के विजन को धरातल के एक्शन में बदलेगा. अब देखना यह है कि उद्योग जगत के सुझावों को सरकार अपनी नीतियों में कितनी तेजी से और प्रभावी ढंग से लागू करती है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





