ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की मकसद से लाई गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने 11 साल पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बीते 11 वर्षों में बिना गारंटी ऋण देकर छोटे उद्यमियों, महिलाओं और हुनरमंद हाथों को आत्मनिर्भरता का भरोसा दिया. आज यही योजना छोटे कारोबार, नए अवसर और मजबूत भारत की पहचान बन चुकी है. आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है. इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है.”
PM Mudra Yojana has redefined access to credit by empowering millions with the confidence to dream and the means to fulfil it.
By removing barriers and trusting the aspirations of our people, it has strengthened the spirit of enterprise across India.#11YearsOfMUDRA https://t.co/K7YkoDrLYi
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026
इस अवसर पर उन्होंने एक ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी शेयर किया. उन्होंने लिखा, “आत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा धर्मनित्यता. यमर्था नापकर्षन्ति स वै पण्डित उच्यते॥”
इस ‘संस्कृत सुभाषितम्’ में कहा गया है, “जो व्यक्ति अपनी योग्यता से भली-भांति परिचित हो, आत्मनिर्भर होकर कल्याणकारी कर्म करने में तत्पर हो, विपरीत परिस्थितियों को धैर्यपूर्वक सहन करता हो और सदा सदाचार का पालन करता हो, जिसे लोभ अपने मार्ग से विचलित नहीं कर पाता, वही वास्तव में बुद्धिमान कहलाता है.”
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुद्रा योजना में मोदी सरकार ने छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार और लघु उद्योग को नई शक्ति दी है. इन 11 वर्षों में इस कल्याणकारी योजना के तहत 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक के 58 करोड़ लोन वितरित किए जा चुके हैं, जिससे 12 करोड़ युवा लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर भारत की निर्माण यात्रा को नई ऊर्जा दे रहे हैं. हर 3 में से 2 मुद्रा ऋण महिलाओं को मिलना नारी शक्ति के स्वावलंबन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है.”
#11YearsOfMUDRA में मोदी सरकार ने छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार और लघु उद्योग को नई शक्ति दी है।
इन 11 वर्षों में इस कल्याणकारी योजना के तहत ₹40 लाख करोड़ से अधिक के 58 करोड़ लोन वितरित किए जा चुके हैं, जिससे 12 करोड़ युवा लाभान्वित…
— Amit Shah (@AmitShah) April 8, 2026
प्रधानमंत्री मोदी का उद्यमियों के लिए बड़ा कदम
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) का शुभारंभ किया था. योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय अर्जित करने वाली गतिविधियों के लिए आसानी से और बिना किसी जमानत के 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान करती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इच्छुक उद्यमियों को मजबूती से सहयोग देने के लिए 23 जुलाई 2024 को केंद्रीय बजट 2024-25 में इस ऋण की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की घोषणा की. यह नई सीमा 24 अक्टूबर, 2024 को लागू हुई. ये ऋण बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं (एनबीएफसी), एमएफआई और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से दिए जाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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