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दुनिया की कोई ताकत हमें झुका नहीं सकती, पोखरण परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए बोले प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए कहा कि भारत ने भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपने राष्ट्रीय हितों से कभी समझौता नहीं किया.

आज (सोमवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश के उस ऐतिहासिक पल को याद किया, जिसने भारत की वैश्विक पहचान को पूरी तरह बदल दिया था. ये मौका सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ का था. इसी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने उस समय पूरी दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया था कि दबाव चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटता.

पीएम मोदी ने कहा कि 11 मई 1998 को पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया गया था और उसके बाद 13 मई को दो और परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया. उस समय दुनिया की बड़ी ताकतों की नजर भारत पर थी और लगातार दबाव भी बनाया जा रहा था, लेकिन भारत ने अपने वैज्ञानिकों और नेतृत्व की इच्छाशक्ति के दम पर इतिहास रच दिया.

दबाव के बीच भी नहीं डिगा भारत का हौसला

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जब कई बड़ी ताकतें किसी देश के खिलाफ एकजुट हो जाएं, तो सामान्य तौर पर कोई भी देश दबाव में आ सकता है. लेकिन भारत ने उस समय यह साबित किया कि वह अलग सोच और अलग “मिट्टी” से बना देश है. परीक्षणों के बाद भारत पर आर्थिक प्रतिबंध और कई तरह की पाबंदियां भी लगाई गईं, लेकिन इससे देश का हौसला कम नहीं हुआ.

उन्होंने इस पूरे मिशन को ‘ऑपरेशन शक्ति’ के नाम से याद करते हुए कहा कि यह नाम भारत की आंतरिक शक्ति, आत्मविश्वास और रणनीतिक सोच को दर्शाता है.

अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व की भूमिका

पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को भी याद किया. उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने यह साफ कर दिया था कि देश के हित सबसे ऊपर हैं और भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा.

1998 के पोखरण-II परीक्षणों को भारत के इतिहास का एक निर्णायक मोड़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया, जिनके पास परमाणु क्षमता है. इससे ना सिर्फ देश की सुरक्षा मजबूत हुई, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति भी पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली बन गई.

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-भारत एक्सप्रेस



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