Powai Encounter Case: मुंबई के आर ए स्टूडियो में 17 बच्चों को को बंधक बनाने वाले रोहित आर्य की पुलिस के एनकाउंटर में मौत हो गई. वह मूल रूप से पुणे का रहने वाला था. पुलिस की जांच में पता चला कि रोहित का शिक्षा विभाग पर पैसे बकाया थे, जो उसे अबतक नहीं मिले थे. जिसकी वजह से उसने ये खौफनाक कदम उठाया. अब इस मामले में मुंबई हाईकोर्ट के अधिवक्ता नितिन सातपुते ने कहा है कि वो इस एनकाउंटर के खिलाफ रिट पिटीशन फाइल करेंगे.
अधिवक्ता नितिन सातपुते का आरोप है कि इस मामले में कमर के नीचे गोली मारी जा सकती थी, लेकिन उसका सीधे एनकाउंटर कर दिया गया. इससे पता चलता है कि जरूर कोई बड़ी बात छिपाई जा रही है.
फेक है एनकाउंटर
उन्होंने दावा किया कि यह एनकाउंटर फेक है. जिसे वरिष्ठ लोगों के हाई प्रेशर की वजह से किया गया. मृतक रोहित का 2 करोड़ रुपये सरकार पर बकाया था. इस घटना के लिए रोहित नहीं राज्य सरकार जिम्मेदार है.
मुंबई किडनैपिंग मामले की जांच में पता चला है कि मृतक अपने बकाया पैसे के लिए कई बार तत्कालीन शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन फिर भी पैसे नहीं दिये गए.
रोहित ने नहीं पहुंचाया किसी बच्चे को नुकसान
अधिवक्ता नितिन सातपुते ने कहा कि रोहित अपने आप को मारना चाहता था, लेकिन बाद में उसने किडनैपिंग का प्लान बनाया. लेकिन किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचाया.
फिल्म ए थर्सडे से की इस घटना की तुलना
उन्होंने इस एनकाउंटर की तुलना फिल्म ए थर्सडे से की. उन्होंने कहा कि अभिनेत्री यामी गौतम की फिल्म ए थर्सडे की तरह थर्सडे यानी गुरुवार के दिन इस घटना को अंजाम दिया गया. तरीका भी एकदम फिल्मी था, जिसमें बच्चों को बंधक बनाया गया था.
रोहित भी बच्चों को बंधक बनाकर कुछ लोगों से बात करना चाहता था. ताकि वह अपने बकाये का भुगतान करा सके, लेकिन पुलिस ने उसका खेल खत्म कर दिया. पुलिस को यहां हीरो बनाया जा रहा है. इसलिए इस मामले के तह तक जाने के लिए रिट पिटीशन फाइल करने का फैसला किया है.
पवई कांड को लेकर क्या बोले देवेन्द्र फडणवीस
पवई कांड को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का भी बयान आया. उन्होंने कहा कि पवई में एक आदमी ने दूसरे काम से बच्चों को बुलाकर उन्हें बंधक बनाया था. उसको पुलिस ने एक ऑपरेशन में पकड़ने की कोशिश की, जिसमें आरोपी की मौत हो गयी, बच्चों को बचाया गया, आगे का इन्वेस्टीगेशन शुरु हैं. आगे तफ्तीश में इसकी जानकारी दी जाएगी.
आरए स्टूडियो का भी आया बयान
वहीं इस मामले को लेकर RA स्टूडियो का भी बयान आया है. स्टूडियो के द्वारा कहा गया है कि, हमारे स्टूडियो में हाल ही में एक अप्रत्याशित और परेशान करने वाली घटना हुई, जो एक थर्ड पार्टी (किसी बाहरी बुकिंग) के दौरान घटी. हमें इस बात की गहरी राहत है कि सभी लोग, खासकर बच्चे और उनके माता-पिता, सुरक्षित रहे. इसके लिए मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई का धन्यवाद. हमारी टीम ने पूरी तरह से अधिकारियों के साथ सहयोग किया है और अब हमने अपनी साइट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है. हम सभी कलाकारों को एक सुरक्षित, पेशेवर और रचनात्मक माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
बता दें कि, मृतक आरोपी रोहित आर्य ने पवई के RA स्टूडियो में ऑडिशन के बहाने 17 बच्चों को बुलाया और कुल 19 लोगों को बंधक बना लिया. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मार गिराया और बच्चों को बचा लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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