बाहुबली के गढ़ में PK का दांव, बाढ़ की जनसभा से अनंत सिंह की तस्वीर गायब,
Bihar MLC Elections/Ravi Shankar Sharma: बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अपने तेज हैं. एक तरफ जदयू से नीरज कुमार पटना से ताल ठोंक रहे हैं, तो दूसरी तरफ जनसुराज के प्रत्याशी और बाहुबली अनंत सिंह के करीबी अनुज सिंह हैं. अनुज सिंह के समर्थन को लेकर नीरज और अनंत सिंह के बीच लगातार बयानबाजी चल रही है. इसी बीच शुक्रवार की देर शाम पटना के बाढ़ में जनसुराज ने चुनावी जनसभा आयोजित की. इस सभा में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और उनके पार्टी से पटना स्नातक से और शिक्षक निर्वाचन से प्रत्याशी डॉ अनुज सिंह और डॉ दिव्या ज्योति साथ रही.
अनंत सिंह के गृहक्षेत्र बाढ़ शहर में एएनएस मोड़ के पास हुए इस कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे. खास बात ये था कि इस कार्यक्रम के पोस्टर में विधायक अनंत सिंह की फोटो नहीं थी और प्रशांत किशोर को छोड़कर दोनों प्रत्याशी समेत मंच पर मौजूद किसी ने अपने भाषण के दौरान मंच से अनंत सिंह का नाम नहीं लिया.
जो अच्छा है उसे वोट करें- PK
प्रशांत किशोर ने मंच से कहा कि पटना स्नातक चुनाव में सीधी लड़ाई अनुज और नीरज में है और आपको लगता है कि नीरज कुमार के मुकाबले अनंत भाई अच्छे है और सम्राट चौधरी के मुकाबले प्रशांत किशोर अच्छा है तो उन्हे वोट करें.
उन्होंने कहा कि लोग पुस्तकालय, वित्तरहित समेत कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. वह चुनाव से पहले और चुनाव के बाद इतने ही समझदार रहते हैं लेकिन वोट के दिन दिमाग काम नहीं करता है. भाजपा हिंदू खतरे में है यह कह कर डराती है वहीं जब लालू यादव की बात आती है तो भाजपा वाले कहते हैं कि जंगलराज आने वाला है और मुस्लिम भाजपा के डर से लालू को वोट देते हैं. वह 5000 गांव में गए और रात भी बिताए, लोगों ने उन्हें समर्थन दिया लेकिन वोट के दिन 10- 10 हजार रुपए में बिक गए. किसी भी जाति का नेता सिर्फ वोट की राजनीति करता है वह उस जाति के लिए कोई भी काम नहीं करता.
नीरज ने 18 सालों में नहीं किया कोई काम
डॉ अनुज ने कहा के नीरज कुमार पिछले 18 सालों में कोई भी काम नहीं किए हैं. वह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राजद सुप्रीमो लालू यादव समेत पक्ष विपक्ष सभी दल के नेता को गाली बकने का काम करते हैं, तो स्नातक मतदाता गाली बकने वाले को क्यों चुनेगा. उन्होंने कहा की वह जसराज के प्रत्यशी हैं लेकिन यदि किसी पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक आपको आशीर्वाद देते हैं तो अच्छी बात है. कुछ नेता खुलकर साथ दे रहे हैं और कुछ अंदर-अंदर भी साथ हैं वह उनका आभार व्यक्त करते हैं.
अनंत सिंह को इसलिए दे रहे समर्थन
उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर और अनंत सिंह दोनों अलग-अलग पार्टी में है तो उन्हें नहीं लगता कि दोनों एक साथ मंच साझा करेंगे, कोई उम्मीदवार अनंत सिंह को अच्छा लग रहा है तो वह समर्थन दे रहे हैं. दोनों के एक साथ मंच साझा करने पर कभी कोई बातचीत ही नहीं हुई है.
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डॉ दिव्या ज्योति ने कहा कि वह सभी शिक्षकों को एकजुट कर रहे हैं जिसको लेकर उन्होंने संघर्ष समिति बनाया है. वह शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलवाने का काम करेंगे, शिक्षण संस्थानों को नियमित करने, लंबित अनुदान का भुगतान करवाएंगे और वहां भी वेतनमान लागू करवाएंगे. उनकी प्राथमिकता रहेगी की विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 लाया गया है और वह महाविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने के लिए अधिनियम है उसका जनसुराज पार्टी विरोध करेगा और विश्वविद्यालय, डिग्री महाविद्यालय, महाविद्यालय की स्वायत्तता को वापस दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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