Bharat Express DD Free Dish

चुनाव से पहले पुजारियों-मुअज्जिनों को भत्ता क्यों? खंडेलवाल ने ममता बनर्जी की मंशा पर उठाया सवाल

बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनावों में पांचों राज्यों में बीजेपी की जीत तय है. उन्होंने ममता बनर्जी के भत्ता बढ़ाने के फैसले और संसद में विपक्ष के हंगामे पर भी सवाल उठाया.

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आने वाले चुनावों में पांचों राज्यों में बीजेपी की जीत लगभग तय है. खंडेलवाल ने विश्वास जताया कि जनता का रुझान बीजेपी की तरफ है और पार्टी हर राज्य में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है. उनका कहना है कि लोगों का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सरकार के कामकाज पर है, इसलिए चुनाव परिणाम भी उसी दिशा में जाएंगे.

ममता बनर्जी के फैसले पर उठाया सवाल

बीजेपी सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस फैसले पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने पुजारियों और मुअज्जिनों के लिए भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है. खंडेलवाल का कहना है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले इस तरह के फैसले लेना साफ तौर पर राजनीतिक कदम है.

उनके मुताबिक यह ममता बनर्जी का आखिरी दांव है, क्योंकि उन्हें अंदाजा है कि इस बार चुनाव में उनकी राह आसान नहीं रहने वाली है. खंडेलवाल ने कहा कि इस तरह की घोषणाएं जनता को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती हैं, लेकिन अब मतदाता काफी जागरूक हो चुके हैं और वे काम के आधार पर ही फैसला करेंगे.

संसद में हंगामे पर विपक्ष को घेरा

बीजेपी सांसद ने संसद में विपक्ष के हंगामे को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश में आम लोग शांत हैं और विकास के मुद्दों पर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन संसद के भीतर बार-बार हंगामा कर कामकाज को बाधित किया जाता है.

खंडेलवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके बयानों और व्यवहार से ऐसा लगता है कि उन्हें देश की वास्तविक परिस्थितियों की समझ नहीं है. उन्होंने कहा कि संसद में जिस तरह का माहौल बनाया जाता है, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है.

लोकसभा अध्यक्ष के पत्र का जिक्र

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा सभी सांसदों को जो पत्र लिखा गया है, उससे उम्मीद है कि संसद की गरिमा और मर्यादा को लेकर सभी दल गंभीर होंगे. खंडेलवाल का मानना है कि संसद देश की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है और यहां होने वाली बहसें जिम्मेदारी और संयम के साथ होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: अमित शाह ने दी ‘मतुआ धर्म मेला 2026’ की दी बधाई; बोले-‘ठाकुर जी के दिखाए समानता के मार्ग पर चलना ही हमारा संकल्प’

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read