राजधानी दिल्ली में पतित पावनी मां यमुना की स्वच्छता व संरक्षण के लिए 2 और 3 नवंबर को वासुदेव घाट पर यमुनोत्सव (Yamunotsav) आयोजित होगा. ‘यमुना संसद’ द्वारा संचालित इस कार्यक्रम की तैयारियों पर नंगली पूना स्थित त्रिवेणी सेवा मिशन, विश्व रामायण आश्रम राष्ट्र मंदिर में महत्वपूर्ण बैठक हुई. संयोजक रविशंकर तिवारी और संस्थापक अजय भाई ने जोर देकर कहा कि मां यमुना के प्रति जनमानस में संवेदना बनी रहे, ताकि नदी साल भर स्वच्छ, निर्मल और अविरल बहती रहे.
2 नवंबर को 1100 महिलाएं कलश यात्रा निकालेंगी
2 नवंबर को 1100 महिलाएं कलश यात्रा निकालेंगी. यमुनोत्री से लाया गया पवित्र जल यमुनोत्री व मथुरा के पंडितों द्वारा वेद मंत्रों से जलयज्ञ होगा. दिन भर नुक्कड़ नाटक और यमुना प्रदर्शनी आयोजित रहेगी. शाम को अजय भाई यमुना कथा सुनाएंगे, जो श्रोताओं को नदी की महिमा से परिचित कराएगी.
3 नवंबर को कॉन्क्लेव व आरती
3 नवंबर को यमुना कॉन्क्लेव का आयोजन होगा, जिसमें नदी व पर्यावरण विशेषज्ञों के अलावा प्रोफेसर हिस्सा लेंगे. केंद्र व दिल्ली सरकार के जल एवं पर्यावरण मंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा. शाम में भव्य यमुना आरती होगी, जो आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगी. रविशंकर तिवारी ने बताया कि यह कार्यक्रम सरकारी, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, व्यापारिक व आमजनों के सहयोग से संपन्न होगा.
बैठक में उपस्थित रहीं ये हस्तियां
बैठक में विधायक राजकुमार भाटिया, ऋचा पांडेय मिश्रा, रवींद्र गुप्ता, श्याम सुंदर अग्रवाल, राजपाल राणा, नेपाल के पूर्व सांसद केडिया, बलदेव गुप्ता, चंद्रभूषण गुप्ता, जगमोहन गोटेवाला, देवराज बावेजा, सुरेंद्र मोहन गुप्ता, त्रिलोक गोयनका, अभिषेक गनेड़ीवाला, डॉ. प्रवीण शर्मा, सुरेंद्र बिधूड़ी, डीयू प्रोफेसर डॉ. वेद प्रकाश, थान सिंह यादव व संतोष शुक्ला समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे. यह आयोजन यमुना संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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