Priya Saroj Women Reservation Bill Debate: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण समेत तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा अपने चरम पर है. शुक्रवार को सदन में समाजवादी पार्टी की युवा सांसद और चर्चित चेहरा प्रिया सरोज (मछलीशहर लोकसभा) ने मोर्चा संभालते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश के लोकतांत्रिक और क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है. प्रिया सरोज की इस स्पीच ने सदन में हलचल पैदा कर दी है, जहाँ अब से कुछ ही देर में इन बिलों पर निर्णायक वोटिंग होने वाली है.
पावर स्ट्रक्चर बदलने की साजिश का लगाया आरोप
प्रिया सरोज ने चर्चा के दौरान सरकार द्वारा लाए गए तीनों विधेयकों के ‘कॉम्बो’ पर सवाल उठाए. उन्होंने इसे देश के पावर स्ट्रक्चर को बदलने वाली एक सोची-समझी साजिश करार दिया. बता दें कि वर्तमान में सदन में इन तीन बिलों पर बहस जारी है:
1. महिला आरक्षण संशोधन बिल: लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण.
2. परिसीमन विधेयक 2026: लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करना.
3.UT लॉ अमेंडमेंट बिल: दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी में आरक्षण लागू करना.
2011 के पुराने आंकड़ों पर ही क्यों है सरकार की जिद?
सपा सांसद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब पहले यह तय था कि परिसीमन नई जनगणना के बाद होगा, तो सरकार 2011 के पुराने आंकड़ों (Old Census Data) के आधार पर ही यह प्रक्रिया क्यों पूरी करना चाहती है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में केवल कानून बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके पीछे की नीति भी साफ होनी चाहिए. पुराने आंकड़ों के आधार पर बिल का विकास करना यह दर्शाता है कि सरकार अपनी मनमर्जी करना चाहती है और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
‘राज्यों के बीच तनाव का खतरा’
प्रिया सरोज ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव संघीय ढांचे के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन की तैयारी करके सरकार राज्यों को अपने हिसाब से सीटें बांटेगी.
उत्तर बनाम दक्षिण: प्रिया ने कहा कि अगर सीटों का बंटवारा मनमर्जी से हुआ, तो उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच भारी तनाव बढ़ जाएगा.
सीटों का खेल: किसी राज्य को कम और किसी को ज्यादा सीटें देने से देश का राजनीतिक नक्शा और संतुलन पूरी तरह बदल जाएगा.
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चुनाव से पहले ‘स्पेशल सेशन’ की टाइमिंग पर प्रहार
सपा सांसद प्रिया सरोज ने इस विशेष सत्र की टाइमिंग को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने पूछा कि आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस बिल को लाने की इतनी जल्दबाजी क्यों थी? उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में हमेशा से रही है और रहेगी, लेकिन जिस तरह से इस बिल में परिसीमन की धारणा को उलझाया गया है, वह महिलाओं के वास्तविक हक के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश अधिक लगती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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