लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने राधाकृष्णन कमेटी का जिक्र करते हुए कहा कि इस कमेटी में तो गौमूत्र के विशेषज्ञ भी शामिल हैं. प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि शिक्षा व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी ऐसे लोगों को कैसे दी जा सकती है? उनके इस बयान पर सदन में ठहाके लगे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मुस्कुराते नजर आए. प्रियंका ने भी मजाकिया अंदाज में कहा, ‘सर, मुस्करा लीजिए’. उनका इशारा प्रो. कामाकोटी की ओर था.
क्या है गौमूत्र का मामला?
जनवरी 2025 में प्रोफेसर वी. कामाकोटी ने एक कार्यक्रम के दौरान गौमूत्र को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि गौमूत्र में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं. उनके अनुसार इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डाइजेस्टिव प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकती हैं.
पीएम मोदी को सलाह
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया कि उन्हें अपने सलाहकार बदलने चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ नई कमेटियां बनाने से समस्या का हल नहीं निकलेगा.
रिजिजू का प्रियंका पर पलटवार
बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी पर पलटवार किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी की स्पीच चोरी कर ली हैं. इस टिप्पणी के बाद सदन में फिर से शोर-शराबा शुरू हो गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच नोकझोंक तेज हो गई.
कांग्रेस को भी सलाहकार बदलने की जरूरत?
2014 के बाद से कांग्रेस लगातार सत्ता से बाहर है और राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी को खास सफलता नहीं मिल रही है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अक्सर ऐसे बयान दे देते हैं जिससे विवादों जन्म ले लेता हैं. यही वजह है कि राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कांग्रेस को अपनी रणनीति और सलाहकारों पर पुनर्विचार करना चाहिए. लगातार हार और विवादित बयानों से पार्टी की छवि कमजोर हो रही है इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस को भी नए सलाहकारों की जरूरत है ताकि वह जनता का भरोसा फिर से जीत सके?
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

