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पुणे: सरकारी बस में रेप केस का आरोपी 48 घंटे बाद हत्थे चढ़ा, ड्रोन-खोजी कुत्ते और 13 पुलिस टीमें खोज रही थीं; बाग में मिला

Pune Rape Case: पुणे में सरकारी बस में रेप के आरोपी दद्दात्रेय रामदास गाडे को 48 घंटे बाद गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. वह महाराष्ट्र के शिरूर में एक बाग में छिपा हुआ था. गांववालों की मदद से पकड़ा गया.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Maharashtra News: पुणे में 25 फरवरी को सरकारी बस में एक महिला से बलात्कार की घटना को अंजाम देने के आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे को 48 घंटे की लंबी तलाश के बाद शिरूर से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी को एक बाग में छिपा हुआ पाया गया, जहां गांववालों ने उसकी पहचान की और पुलिस को उसकी जानकारी दी. इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

घटना का विवरण

एक महिला, जो पुणे में घरों में काम करती थी, 25 फरवरी को सुबह 5 बजे के आसपास स्वारगेट डिपो में बस का इंतजार कर रही थी. आरोपी ने महिला से बात की और उसे शिवशाही बस में बैठने के लिए कहा, जो अंधेरे में खड़ी थी. महिला के झिझकने पर आरोपी ने बताया कि अन्य यात्री सो रहे हैं, इस वजह से बस में लाइट नहीं जल रही. जैसे ही महिला बस में चढ़ी, आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और उसके साथ बलात्कार किया. घटना के बाद महिला बदहवास होकर दूसरी बस पकड़ने अपने गांव जाने लगी. उसने अपनी एक दोस्त को फोन कर घटना के बारे में बताया और दोस्त ने उसे पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी.

पुलिस की कार्रवाई

पुणे पुलिस ने क्राइम ब्रांच की 8 और स्वारगेट पुलिस स्टेशन की 5 टीमें आरोपी की तलाश में लगा दी थीं. पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिले भर में छापेमारी की. आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. पुलिस ने बताया कि आरोपी का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है और उसे गिरफ्तार करने में गांववालों का भी अहम योगदान रहा.

इस घटना के बाद शिवसेना (UBT) और NCP के समर्थकों ने स्वारगेट बस डिपो पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की और परिवहन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की भी अपील की. शिवसेना ने डिपो पर तोड़फोड़ की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.

विभागीय जांच के आदेश

महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने घटना के बाद असिस्टेंट ट्रांसपोर्ट सुपरिटेंडेंट और बस डिपो मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अगर जांच में दोषी पाए गए, तो उन्हें सस्पेंड किया जाएगा. साथ ही, बस डिपो पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी हटाने का निर्देश दिया गया है.

इस घटना के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकनकर ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है और आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा.



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