Punjab Politics: साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर सियासी उथल-पुथल मच गई है. महज दो दिनों के भीतर तीन बागी विधायकों ने पार्टी और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली है.
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है. दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायकों- कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है.
कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा और नाराजगी
अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा भेज दिया है. वे 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामलों और पुलिस फायरिंग की घटनाओं में न्याय मिलने में देरी को लेकर भगवंत मान सरकार की कार्यप्रणाली से लंबे समय से नाराज चल रहे थे. आप नेतृत्व ने उनके बयानों को पार्टी विरोधी मानते हुए उन्हें 2025 में पांच साल के लिए निलंबित भी किया था, और अंततः उन्होंने सोमवार को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली.
रविवार को दो अन्य विधायकों ने छोड़ी थी ‘आप’
कुंवर विजय प्रताप सिंह से पहले रविवार (1 नवंबर) को पटियाला जिले के दो विधायकों ने पार्टी छोड़ी थी. इनमें समाना से विधायक और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा तथा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं. इन नेताओं के इस्तीफे तब सामने आए जब पार्टी ने 2027 चुनाव के लिए अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें इन दोनों सीटों पर नाम घोषित नहीं किए गए थे.
तीनों नेता बीजेपी में शामिल
रविवार और सोमवार को हुए इन घटनाक्रमों के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आधिकारिक तौर पर बीजेपी का दामन थाम लिया है. एक साथ तीन विधायकों के जाने से पंजाब में ‘आप’ सरकार के सामने राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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