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QS Asia University Ranking 2026: आईआईटी दिल्ली देश का टॉप संस्थान, पीएम मोदी ने यूनिवर्सिटी नंबर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी पर जताई खुशी

QS Asia University Ranking 2026: क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में आईआईटी दिल्ली का प्रदर्शन शानदार रहा. इस रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली भारत का टॉप संस्थान रहा.

QS ASIA University Ranking

QS Asia University Ranking 2026: क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में आईआईटी दिल्ली का प्रदर्शन शानदार रहा. इस रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली भारत का टॉप संस्थान रहा. देश के कुल सात उच्च शिक्षण संस्थानों ने क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग के टॉप 100 में अपनी जगह बनाई है. इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय भी शामिल है. वहीं 20 भारतीय शिक्षण संस्थान टॉप 200 में शामिल हैं. 66 भारतीय संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने टॉप 500 में अपनी जगह बनाई है.

वहीं इस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की मौजूदगी की बात करें तो इस साल कुल 294 भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान इसमें शामिल हुए थे. रैंकिंग 2026 में शामिल टॉप 10 भारतीय संस्थानों में शामिल पांच आईआईटी संस्थान हैं. हालांकि, भारत के कुछ शीर्ष संस्थानों ने इस साल रैंकिंग में कुछ गिरावट भी देखी है. मुख्य तौर पर ‘साइटेशन प्रति पेपर , ‘फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात और ‘अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे मापदंडों में सुधार की जरूरत बताई गई है.

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की यूनिवर्सिटी की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखकर खुशी हो रही है.

पीएम मोदी ने कहा,


पिछले दस सालों में QS एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारतीय यूनिवर्सिटीज़ की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखकर खुशी हुई. हमारी सरकार रिसर्च और इनोवेशन पर फोकस करते हुए हमारे युवाओं के लिए क्वालिटी एजुकेशन पक्का करने के लिए कमिटेड है. हम पूरे भारत में ज़्यादा से ज़्यादा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस को बढ़ावा देकर इस सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटीज़ भी बना रहे हैं.

 IIT Delhi को मिली 59वींं रैंक, DU टॉप 100 में

आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) इस बार एशिया में 59वें स्थान पर रही, और भारतीय संस्थानों में पहले स्थान पर बनी. इसके पीछे मुख्य कारण फैकल्टी का उच्च शैक्षणिक स्तर, वैज्ञानिक प्रिंट (पैपर्स) की संख्या, और नियोक्ता प्रतिष्ठा हैं. वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस यानी आईआईएससी, आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) भी टॉप 100 में शामिल हैं.

इस वर्ष की क्यूएस एशिया रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली को 59वां स्थान मिला है, बीते वर्ष इसकी 44वीं पोजिशन थी. हालांकि पिछले वर्ष से तुलना करें तो इस वर्ष 36 विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जिनकी रैंकिंग में सुधार हुआ है. वहीं, 16 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी पॉजिशन बरकरार रखी है. भारत ने इस साल ‘पेपर्स प्रति फैकल्टी’और ‘स्टाफ विद पीएचडी’ जैसे महत्वपूर्ण मानकों में अच्छे अंक हासिल किए हैं. इससे पहले इसी वर्ष जारी की गई क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में भारत के रिकॉर्ड 54 उच्च शिक्षण संस्थान को वैश्विक सूची में स्थान मिला था.

2014 में मात्र 11 संस्थानों की इस वैश्विक रैंकिंग में जगह मिली

बता दें कि वर्ष 2014 में भारत के मात्र 11 संस्थानों की इस वैश्विक रैंकिंग में जगह मिली थी. हालांकि मौजूदा वर्ष में इस रैंकिंग में भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या बढ़कर लगभग पांच गुना हो गई है. पांच गुना वृद्धि के साथ इस रैंकिंग में भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 54 हो चुकी है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछले एक दशक में लाए गए क्रांतिकारी शैक्षिक सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण है. उन्होंने इसे भारत के लिए शिक्षा क्षेत्र में गर्व का क्षण बताया.

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भी आईआईटी दिल्ली आगे

क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भी आईआईटी दिल्ली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में 48 प्रतिशत भारतीय संस्थानों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया था. नियोक्ता प्रतिष्ठा के मामले में 5 भारतीय संस्थान विश्व के विभिन्न शिक्षा संस्थानों के बीच शीर्ष 100 में शामिल रहे. इसके अलावा शोध गुणवत्ता में 8 भारतीय संस्थान वैश्विक शीर्ष 100 शिक्षण संस्थानों में शामिल थे.

खास बात यह है कि इनका औसत स्कोर (43.7) जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका से भी बेहतर था. क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 रैंकिंग के अनुसार, आईआईटी दिल्ली भारत का नंबर-1 शैक्षणिक संस्थान बनकर उभरा था. दोनों रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली को हासिल स्थान को शिक्षाविदों ने गौरवशाली उपलब्धि बताया है. आईआईटी दिल्ली ने इस सूची में भारतीय संस्थानों का नेतृत्व किया है.


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-भारत एक्सप्रेस



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