Bharat Express DD Free Dish

Maharashtra की राजनीति में हलचल तेज, महाविकास आघाड़ी (MVA) की एकजुटता पर सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है. सतह पर सब कुछ सामान्य दिखता है लेकिन अंदर ही अंदर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं.

महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है. सतह पर सब कुछ सामान्य दिखता है लेकिन अंदर ही अंदर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. एक ही दिन में दिल्ली में जो घटनाएं घटीं उन्होंने पूरे राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया है.

पीएम मोदी से मुलाकात

एक तरफ शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) इंडिया गठबंधन (India Alliance) की बैठक में शामिल हुए और केंद्र सरकार (Central government) पर तीखा हमला बोला वहीं दूसरी तरफ सहयोगी पार्टी की नेता सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से मुलाकात कर ली. इसमें दिलचस्प बात यह है कि सुप्रिया सुले को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की अगुवाई वाली बैठक में जाना था लेकिन पीएम मोदी से मिलने को प्राथमिकता दी. बाद में वो डिनर पार्टी में जरूर पहुंची लेकिन इस मुलाकात की टाइमिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की पीएम से मुलाकात

सवाल तो तब और ज्यादा उठने लगा जब उद्धव ठाकरे की पार्टी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात को भले ही औपचारिक बताया गया हो लेकिन माहौल में इसे नजरअंदाज करना मुश्किल है.

पीएम मोदी से एकनाथ शिंदे की मुलाकात

उधर महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) भी दिल्ली में थे और उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ पीएम मोदी से मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से भी खास बातचीत की. सूत्रों की माने तो शिंदे ने राज्य की राजनीति पर भी चर्चा की. हाल ही में शिंदे और फडणवीस के बीच मतभेदों की खबरें आई थीं. ऐसे में ये मुलाकातें और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.

इसे भी पढ़ें- Trump Tariffs पर दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक, PM मोदी करेंगे अध्यक्षता

केंद्र सरकार के प्रति शरद पवार की नरमी

NCP शरद पवार का रुख भी अब पहले जैसा तीखा नहीं रहा. सुप्रिया सुले और खुद शरद पवार (Sharad Pawar) कई बार केंद्र सरकार के प्रति नरमी दिखा चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या महाविकास अघाड़ी (MVA) में सब कुछ ठीक है.

इसे भी पढ़ें-Bihar News: अमित शाह और सीएम नीतीश सीतामढ़ी में माता जानकी मंदिर का करेंगे संयुक्त शिलान्यास

राजनीतिक जानकार का क्या मानना है?

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि गठबंधन की एकजुटता अब पहले जैसी नहीं रही. अंदर ही अंदर नई राजनीतिक रेखाएं खिंच रही है जो आने वाले चुनावों में नए समीकरण बना सकती हैं. महाराष्ट्र की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर है. जहां हर बयान, हर मुलाकात और हर चुप्पी एक बड़ा संकेत बन चुकी है.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read