Rahul Gandhi on Operation Sindoor: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, विशेष रूप से हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर तीखा हमला बोला है. राहुल ने आज ऑपरेशन सिंदूर पर सदन में चर्चा करते वक्त सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार में न केवल लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है, बल्कि उसने इस सैन्य अभियान के दौरान रक्षा बलों की ऑपरेशनल स्वतंत्रता को भी बाधित किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की सुरक्षा को व्यक्तिगत छवि और राजनीतिक जनसंपर्क से ऊपर रखना चाहिए.
राजनीतिक इच्छाशक्ति पर सवाल
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर युद्ध शुरू होने के कुछ ही घंटों में एक “विनम्र आत्मसमर्पण” में बदल गया. उन्होंने पूछा कि जब हमला शुरू ही हुआ था, तब सरकार ने पाकिस्तान को यह कहने की क्या ज़रूरत थी कि भारत और कोई सैन्य बढ़त नहीं चाहता? उनका मानना है कि यह संकेत देता है कि सरकार के भीतर ठोस रणनीतिक नेतृत्व और इच्छाशक्ति का अभाव है.
गांधी ने दावा किया कि सरकार ने जानबूझकर भारतीय वायुसेना और थल सेना को पाकिस्तान की सैन्य और वायु रक्षा संरचनाओं पर निशाना न बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने इसे “पीठ पीछे हाथ बाँधने” जैसा बताया और कहा कि यह हमारे सैनिकों के मनोबल के लिए भी नुकसानदायक है.
डोनाल्ड ट्रंप और कूटनीतिक विफलता का मुद्दा
गांधी ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 29 बार यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में उन्होंने मध्यस्थता की थी. उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री में यह साहस है कि वह ट्रंप को सार्वजनिक रूप से झूठा कहें? ” इसी के जवाब नहीं प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि दुनिया में कोई भी देश ऐसा नहीं था, जिसने भारत को आतंकियों पर कार्रवाई करने से रोका होगा ”
इसके अलावा, उन्होंने विदेश मंत्री पर भी हमला किया पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित पहलगाम आतंकी हमले के बावजूद कोई भी देश, यहाँ तक कि भारत के पड़ोसी भी, पाकिस्तान की निंदा करने को तैयार नहीं हुए
पाक-चीन सैन्य गठजोड़ की अनदेखी
नेता विपक्ष ने संसद को याद दिलाया कि उन्होंने पहले ही पाक-चीन सैन्य गठजोड़ के बारे में चेतावनी दी थी, जिसे सरकार ने नज़रअंदाज़ किया. उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ पाकिस्तान से नहीं, बल्कि चीन और पाकिस्तान की संयुक्त सैन्य ताकत से जूझ रहा है. इस चेतावनी को समय रहते नहीं सुनना भी सरकार की चूक का हिस्सा है.
-भारत एक्सप्रेस
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